उर्वरक जैसे क्षेत्रों के खराब प्रदर्शन की वजह से आठ प्रमुख बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर फरवरी में सालाना आधार पर कुछ सुस्त पड़कर 6.7 प्रतिशत रही है। हालांकि, बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर का आंकड़ा पिछले तीन माह में सबसे ऊंचा है।
गुरुवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, आठ प्रमुख क्षेत्रों… कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली… की वृद्धि दर जनवरी में 4.1 प्रतिशत थी। बीते वर्ष फरवरी में यह 7.4 प्रतिशत थी।
कुल मिलाकर इन क्षेत्रों की उत्पादन वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-फरवरी में घटकर 7.7 प्रतिशत रही, जो बीते वित्त वर्ष 2022-23 में अप्रैल-फरवरी में 8.2 प्रतिशत थी। उर्वरक उत्पादन में वृद्धि में गिरावट आई है। देश के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में आठ प्रमुख क्षेत्रों का योगदान 40.27 प्रतिशत है।
आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी में रिफाइनरी उत्पाद, इस्पात और बिजली उत्पादन की वृद्धि दर में गिरावट आई है। हालांकि, आलोच्य महीने में कोयला (11.6 प्रतिशत), कच्चा तेल (7.9 प्रतिशत), प्राकृतिक गैस (11.3 प्रतिशत), और सीमेंट (10.2 प्रतिशत) उत्पादन में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई।
इक्रा लि. की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि फरवरी में बुनियादी क्षेत्र की वृद्धि सुधरकर तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। आठ में से तीन उद्योगों… कोयला, सीमेंट और प्राकृतिक गैस… में वृद्धि दर दहाई अंक में रही। उन्होंने कहा, ‘‘बुनियादी उद्योग की वृद्धि बेहतर रहने से हमें उम्मीद है कि फरवरी, 2024 में औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) में 6.0-6.5 प्रतिशत की वृद्धि होगी।’’