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AI से वित्तीय संस्थानों की साइबर सुरक्षा चुनौतियां कई गुना बढ़ीं: गवर्नर दास

दास ने कहा कि डेटा विश्लेषण की ताकत का उपयोग करके विनियमित संस्थाएं ग्राहकों की जरूरतों का अच्छी तरह से अनुमान लगा सकती हैं

Last Updated- March 15, 2024 | 10:03 PM IST
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से साइबर सुरक्षा चुनौतियां कई गुना बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही उन्होंने वित्तीय संस्थानों से ग्राहक जानकारी की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम करने के लिए कहा।

दास ने यहां आरबीआई लोकपाल के वार्षिक सम्मेलन में अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि विनियमित संस्थाएं वित्तीय लेनदेन, ग्राहक संपर्क और परिचालन गतिविधियों से जुड़े आंकड़ें अपने पास रखती हैं। उन्होंने कहा, ”आंकड़ों के इस व्यापक भंडार में डेटा विश्लेषण के जरिए ग्राहक सेवा को बेहतर बनाने का एक अनूठा अवसर निहित है।”

दास ने कहा कि डेटा विश्लेषण की ताकत का उपयोग करके विनियमित संस्थाएं ग्राहकों की जरूरतों का अच्छी तरह से अनुमान लगा सकती हैं, मुद्दों का तुरंत समाधान कर सकती हैं और प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि धोखाधड़ी वाले लेनदेन बढ़ने के साथ निगरानी प्रणालियों को मजबूत करने और संभावित धोखाधड़ी का पता लगाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करना महत्वपूर्ण है।

दास ने कहा कि AI के आने के साथ साइबर सुरक्षा संबंधी चुनौतियां कई गुना बढ़ सकती हैं। इससे व्यक्तिगत जानकारी तक अनधिकृत पहुंच कायम की जा सकती है, जो उपभोक्ताओं के भरोसे को प्रभावित कर सकता है।

First Published - March 15, 2024 | 10:03 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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