facebookmetapixel
1 फरवरी से सिगरेट, बीड़ी, पान मसाला और तंबाकू उत्पाद होंगे महंगे, GST बढ़कर 40% और एक्साइज-हेल्थ सेस लागूGST Collections: ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन दिसंबर में 6% बढ़कर ₹1.74 लाख करोड़, घरेलू रेवेन्यू पर दबाव2026 में ये 5 शेयर कराएंगे अच्छा मुनाफा! ब्रोकरेज ने दी BUY रेटिंग, 35% तक अपसाइड के टारगेटसेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स किसी रोलर-कोस्टर से कम नहीं, 2026 के लिए एक्सपर्ट्स ने बताई निवेश की स्ट्रैटेजीतरुण गर्ग बने ह्युंडै मोटर इंडिया के MD & CEO, पहली बार भारतीय को मिली कमानरुपये की कमजोरी, बाजार की गिरावट का असर; 2025 में सिमटा भारत के अरबपतियों का क्लबVodafone Idea Share: 50% टूट सकता है शेयर, ब्रोकरेज ने चेताया; AGR मामले में नहीं मिली ज्यादा राहत2026 में 1,00,000 के पार जाएगा सेंसेक्स ? एक्सपर्ट्स और चार्ट ये दे रहे संकेतसिगरेट पर एडिशनल एक्साइज ड्यूटी, 10% तक टूट ITC और गोडफ्रे फिलिप्स के शेयर; 1 फरवरी से लागू होंगे नियमहोटलों को एयरलाइंस की तरह अपनाना चाहिए डायनेमिक प्राइसिंग मॉडल: दीक्षा सूरी

विप्रो उतरेगी कृषि और ऊर्जा क्षेत्र में

Last Updated- December 07, 2022 | 12:02 AM IST

भारत की सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनी विप्रो अब साफ ऊर्जा और कृषि क्षेत्र में कारोबार बढ़ाने के लिए अब नए क्षेत्रों में भी कदम रखने वाली है।


अभी तक विप्रो आईटी, कंज्यूमर केयर, लाइटनिंग और फर्नीचर जैसे क्षेत्रों में ही सेवाएं प्रदान किया करती थी। कंपनी वैकल्पिक ऊर्जा , जल शोधन, खाद्य और कृषि कारोबार को भी कंपनी के इन्फ्रास्ट्रक्चर कारोबार -विप्रो इन्फ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग लिमिटेड (डब्ल् यूआईएल) के साथ मिलाने की कोशिश कर रही है।

डब्ल्यूआईएल अभी तक दुनिया भर में इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की कंपनियों को हाइड्रॉलिक सिलेंडर, पुर्जे और सोल्यूशंस सेवाएं प्रदान क रती थी। हाइड्रॉलिक सिलेंडर्स के क्षेत्र में विप्रो पिछले 30 साल से है और अब इस क्षेत्र के 70 फीसदी कारोबार पर विप्रो का ही कब्जा है। विश्लेषकों के अनुसार कंपनी साफ ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि क्षेत्रों में इसलिए आ रही है जिससे कि बाजार के बदलते हालातों का कंपनी पर कम असर पड़े।

इस साल मुंबई स्थित एक्वॉटेक इंडस्ट्रीज के अधिग्रहण के बाद विप्रो ने जल शोधन के क्षेत्र में उतरने की मंशा जाहिर कर दी थी। इस अधिग्रहण के बाद कंपनी को सभी तरह के उद्योगों के लिए संपूर्ण जल शोधन सुविधा मुहैया कराने के लिए जरूरी संयंत्र उपकरणों की भी आपूर्ति करेगी।

एक्वॉटेक फार्मास्युटिकल कंपनियों को उच्च गुणवत्ता वाला शुद्ध जल मुहैया कराने वाली बड़ी कंपनी है और यह विप्रो के लिए फायदेमंद साबित होगा। डब्ल्यूआईएल की नई इकाई विप्रो वॉटर दुनिया भर में अपने ग्राहकों के लिए वेस्ट वॉटर, रीयूज और डिसेलिनेशन जैसी सुविधा देने वाली ‘वन स्टॉप शॉप’ बनना चाहती है।

विप्रो इन्फ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग के प्रबंध निदेशक अनुराग बेहर ने कहा, ‘हम एक्वॉटेक के अधिग्रहण के साथ ही जल शोधन व्यापार में प्रवेश कर चुके हैं और अब हम फार्मा कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों को अति शुद्ध जल आपूर्ति श्रेणी में आना चाहते हैं। साफ ऊर्जा अभी कॉन्सेप्ट चरण में ही है।

अभी हम ग्राहकों को दी जाने वाली संभावित सेवाओं के बारे में विचार कर रहे हैं। इसके लिए हमने टीम बनानी भी शुरू कर दी है।’ बेहर ने कंपनी के कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में आने की बात को सही करार दिया है।

अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र पर ध्यान देने की योजना के लिए कंपनी ने सौर ऊर्जा, विंड टर्बाइन, बायो गैस और जियोथर्मल ऊर्जा क्षेत्रों के लिए इंजीनियरों की टीम का गठन कार्य भी शुरू कर दिया है। निर्माण क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता का फायदा उठाते हुए कंपनी इन क्षेत्रों में कार्य करने वाली कंपनियों को उपकरणों की आपूर्ति करेगी।

First Published - May 17, 2008 | 1:25 AM IST

संबंधित पोस्ट