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लागत कम करने की जुगत में लगी विप्रो

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Last Updated- December 10, 2022 | 1:51 AM IST

मंदी के इस दौर में विप्रो भी अपनी लागत कम करने की जीतोड़ कोशिश में लगी है। कंपनी ने पिछली तिमाही से अपनी लागत कम करने के लिए 30 योजना अपनाईं हैं। कंपनी के कार्यकारी उपाध्यक्ष (एचआर) प्रतीक कुमार का कहना है कि, ‘हमने भी वही किया है, जो एक समझदार संस्था को करना चाहिए।’
उन्होंने शुक्रवार को एक आयोजन के मौके पर संवाददाताओं को बताया कि, ‘हम पहले भी हर मुमकिन मौकों पर लागत कम करने की कोशिश करते आए हैं। हालांकि, अब हम इसे ज्यादा जोर-शोर से कर रहे हैं।
वजह है मौजूदा हालात। वैसे, इस काम को एक बिल्कुल अनोखे अंदाज से कर रहे हैं।’ हालांकि, उन्होंने इससे ज्यादा कुछ बताने से साफ इनकार कर दिया। कुमार का कहना है कि कंपनी लोगों को तो रखेगी, लेकिन इसके लिए समय-सीमा निर्धारित नहीं की है।
उनके मुताबिक विप्रो जरूरत के मुताबिक ही लोगों को भर्ती करेगी। कंपनी ने अगले वित्त वर्ष में 8,000 लोगों को नौकरियां देने का लक्ष्य रखा है। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी ने 1,944 लोगों को लिया है। इनमें से 1,400 भर्तियां कैंपस रिक्रुटमेंट के जरिये लिए गए हैं, जबकि बाकी के 544 लोगों को इधर-उधर से लिया गया है।
कुमार के कहा, ‘हम लोगों को नए ऑफर तो नहीं दे रहे हैं, लेकिन इसका मतलब यही भी नहीं निकाला जाए कि हमने नई भर्तियों पर रोक लगा दी है। हमने जिन लोगों को ऑफर दिया था, उन सभी को जून-जुलाई तक नौकरियां दे दी जाएंगी। अगर ऐसा नहीं हो पाया, तो हम अगले साल भी उन्हें नौकरी देंगे।’
उन्होंने बताया कि, ‘यह अपने वादे को निभाने या फिर उनसे पीछे हटने का सवाल है। हमने फ्रेशरों से बात की है और उन्हें बता दिया है कि हम कब तक उन्हें नौकरी मुहैया करा दी है।’
इस बीच विप्रो की गैर मुनाफा ट्रस्ट, मिशन10एक्स  ने शुक्रवार को जवाहरलाल नेहरू टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (जेएनटीयू), हैदराबाद के साथ समझौता किया है। 

इस समझौते का मकसद ऐसे कार्यक्रमों को शुरू करना होगा, जिससे इंजीनियरिंग कॉलेजों के शिक्षक क्लासरूम में ही मिशन10एक्स के प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके नई सोच को बढ़ावा दे सकें।
कुमार ने बताया कि, ‘मिशन10एक्स और जेएनटीयू, दोनों मिलकर पाठयक्रम को बनाएंगे। वे शिक्षकों के लिए ज्ञानवर्ध्दक वर्कशॉप और दूसरे कार्यक्रमों की शुरुआत करेंगे। इसके अलावा, वे अच्छे शिक्षकों को तैयार करके हम शिक्षा के बीज को हर तरफ फैलाना चाहिए।’ मिशन10-एक्स की शुरुआत सितंबर, 2007 में हुई थी। अब तक यह 5,000 शिक्षकों को प्रशिक्षित कर चुकी है।

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First Published - February 20, 2009 | 11:21 PM IST

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