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वोडाफोन आइडिया को एजीआर देनदारी से झटका

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Last Updated- December 15, 2022 | 3:42 AM IST

प्रमुख दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया ने वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही में 25,640 करोड़ रुपये का कर पूर्व घाटा दर्ज किया है। तिमाही के दौरान कंपनी की शुद्ध हैसियत पूरी तरह ध्वस्त हो गई। कंपनी को सबसे बड़ा झटका सकल समायोजित राजस्व (एजीआर) देनदारी के लिए प्रावधान से लगा।
तिमाही के दौरान कोविड-19 की रोकथाम के लिए लगाए गए लॉकडाउन से कंपनी का वित्तीय नतीजा प्रभावित हुआ। वित्तीय संकट के कारण उसका समग्र प्रदर्शन लगातार दबाव में रहा। तिमाही के दौरान कंपनी का कर पूर्व घाटा पिछले साल की समान अवधि के मुकाबरे दोगुना से भी अधिक हो गया। कंपनी ने अपने एजीआर दायित्व के लिए 19,440 करोड़ रुपये की पहचान की जिसे अप्रत्याशित मद में रखा गया। वोडाफोन आइडिया का एजीआर दायित्व 58,254 करोड़ रुपये है। पिछले महीने सर्वोच्च न्यायालय ने बकाये का आकलन नए सिरे से करने से संबंधित उसकी याचिका को खारिज कर दिया था। कंपनी ने संकेत दिया है कि यदि इस मामले में कोई अनुकूल परिणाम नहीं आता है तो उसकी समस्या बरकरार रहेगी।
परिचालन के लिहाज से भी कंपनी के लिए यह एक कमजारे तिमाही रही क्योंकि उसने सरकार और लेनदारों लगातार राहत की गुहार लगाई। तिमाही के दौरान कंपनी का राजस्व पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 5.4 फीसदी घटकर 10,695 करोड़ रुपये रह गया और कंपनी का ग्राहक आधार लगातार खिसकता रहा। कंपनी ने कहा है कि कोविड-19 की रोकथाम के लिए लगाए गए देशव्यापी लॉकडाउन के कारण नए ग्राहकों का आना प्रभावित हुआ। तिमाही के दौरान उसके ग्राहकों की संख्या घटकर 27.98 करोड़ रह गई जो वित्त वर्ष 2020 की चौथी तिमाही में 29.11 करोड़ थी। तिमाही के दौरान प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (एआरपीयू) में भी सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई। दिसंबर तिमाही में शुल्क दरों में इजाफे के बावजूद एआरपीयू में गिरावट आई। जबकि डेटा वॉल्यूम में 10.6 फीसदी की वृद्धि हुई।
अदाणी एंटरप्राइजेज को पहली तिमाही में घाटा
अदाणी एंटरप्राइजेज को चालू वित्त वर्ष की 30 जून को समाप्त तिमाही में 65.67 करोड़ रुपये का एकीकृत घाटा हुआ है। गौतम अदाणी की अगुआई वाली कंपनी ने इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 570.14 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। कंपनी ने कहा कि तिमाही के दौरान उसकी एकीकृत कुल आय घटकर 5,502.02 करोड़ रुपये रह गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 10,685.86 करोड़ रुपये रही थी। तिमाही के दौरान कंपनी का कुल खर्च घटकर 5,639.56 करोड़ रुपये रह गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 10,243.74 करोड़ रुपये रहा था। तिमाही के दौरान कंपनी को 328 करोड़ रुपये की एकमुश्त आय भी हुई। कंपनी ने बयान में कहा कि तिमाही के दौरान लॉकडाउन और अंकुशों की वजह से विभिन्न कारोबारी खंडों में उसकी बिक्री प्रभावित हुई। कंपनी ने कहा कि उसने सुरक्षा पर सरकार के दिशानिर्देशों के अनुरूप अपना परिचालन फिर शुरू किया है। कंपनी का कहना है कि उसका परिचालन प्रदर्शन सुधर रहा है।
अदाणी पावर को 633.62 करोड़ रुपये का घाटा
बिजली उत्पादन करने वाली निजी क्षेत्र की कंपनी अदाणी पावर ने जून तिमाही में 633.62 करोड़ रुपये का कर पूर्व घाटा दर्ज किया है। कोविड वैश्विक महामारी के प्रभाव के कारण कंपनी का घाटा बढ़ा। तिमाही के दौरान कंपनी ने 682.46 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया जबकि एक साल पहले की समान अवधि में उसने 263.39 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया था। तिमाही के दौरान लॉकडाउन के कारण बिजली की मांग को तगड़ा झटका लगा जिससे अदाणी पावर के संयंत्र लोड फैक्टर (पीएलएफ) भी घटकर 51 फीसदी रह गया जो एक साल पहले 78 फीसदी रहा था। तिमाही के दौरान कंपनी का परिचालन राजस्व पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 33 फीसदी घटकर 5,203.83 करोड़ रुपये रह गया। इस दौरान कंपनी ने करीब 13.5 करोड़ डॉलर में ओडिशा पावर जेनेरेशन कॉरपोरेशन (ओपीजीसी) में 49 फीसदी हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए एक निश्चित समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
व्हर्लपूल का कर पूर्व लाभ 92 फीसदी घटा
कंज्यूमर अप्लायंस क्षेत्र की अग्रणी कंपनी व्हर्लपूल ऑफ इंडिया का कर पूर्व लाभ जून 2020 तिमाही के दौरान 91.7 फीसदी घट गया। तिमाही के दौरान कंपनी ने 24.4 करोड़ रुपये का कर पूर्व लाभ दर्ज किया जो एक साल पहले की समान तिमाही में 297 करोड़ रुपये रहा था। तिमाही के दौरान कंपनी की परिचालन आय भी 48 फीसदी घटकर 1,027 करोड़ रुपये रह गई जो पिछले साल की समान अवधि में 1,974 करोड़ रुपये रही थी। तिमाही के दौरान विनिर्माण एवं खुदरा गतिविधियों को तगड़ा झटका लगा जिससे उसकी सामग्री लागत एवं अन्य खर्च में कमी आई लेकिन कर्मचारी लागत बढ़ गई। तिमाही के दौरान कंपनी का कुल खर्च 40 फीसदी घट गया जिससे मार्जिन प्रभावित हुआ।
एचपीसीएल का लाभ हुआ दोगुना
हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (एचपीसीएल) का चालू वित्त वर्ष की जून में समाप्त पहली तिमाही का शुद्ध लाभ दोगुना से अधिक होकर 2,252.65 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 877.48 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। कंपनी ने कहा कि तिमाही के दौरान उसकी बिक्री घटी है, लेकिन इसके बावजूद उसका मुनाफा बढ़ा है। तिमाही के दौरान कंपनी की बिक्री घटकर 45,945.48 करोड़ रुपये रह गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 74,595.64 करोड़ रुपये थी। तिमाही के दौरान एचपीसीएल को प्रत्येक बैरल कच्चे तेल को ईंधन में बदलने पर 0.04 डॉलर प्राप्त हुए। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का सकल रिफाइनिंग मार्जिन 0.75 डॉलर प्रति बैरल था। एचपीसीएल ने कहा, वैश्विक स्तर पर फैली कोविड-19 महामारी की वजह की ऊंची आर्थिक और मानवीय लागत बैठी है। इससे आर्थिक गतिविधियां धीमी हुई हैं। इससे अप्रैल और मई, 2020 में कंपनी की बिक्री में उल्लेखनीय गिरावट आई। हालांकि, जून में इसमें काफी सुधार हुआ। बीएस

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First Published - August 6, 2020 | 11:47 PM IST

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