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वेदांत ने मार्च तिमाही में दर्ज किया मुनाफा

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Last Updated- December 12, 2022 | 4:51 AM IST

अनिल अग्रवाल की अगुआई वाली वेदांत लिमिटेड का एकीकृत शुद्ध लाभ मार्च तिमाही में 6,531 करोड़ रुपये रहा जबकि पिछले साल की समान अवधि में उसने 12,521 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया था। इस अवधि में कंपनी की शुद्ध बिक्री 27,874 करोड़ रुपये र ही, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 42 फीसदी ज्यादा है। एल्युमीनियम कारोबार, जिंक, लौह अयस्क में ज्यादा वॉल्यूम और टीएसपीएल में ज्यादा बिजली बिक्री के अलावा जिंसों की कीमतों में सुधार के कारण कंपनी को काफी सहारा मिला।
ब्लूमबर्ग के अनुमान में कंपनी का राजस्व मार्च तिमाही में 24,968 करोड़ रुपये बताया गया था, वहीं मुनाफा 5,360 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया गया था। मार्च तिमाही में कंनपी ने एल्युमीनियम कारोबार में 773 करोड़ रुपये बट्टे खाते में डाले, जो हालांकि पिछले साल की समान अवधि में तेल व गैस कारोबार में बट्टे खाते में डाली गई रकम 17,132 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी कम है।

पिछले साल बट्टे खाते मेंं ज्यादा रकम डाले जाने के कारण ही कंपनी ने नुकसान दर्ज किया था। इस बीच, कंपनी का एबिटा मार्च तिमाही में 88 फीसदी उछलकर 9,107 करोड़ रुपये पर पहुंच गया और एबिटा मार्जिन बढ़कर 38 फीसदी पर पहुंच गया, जो पिछले साल 28 फीसदी रहा था।
सालाना आधार पर कंपनी की वित्तीय लागत 24 फीसदी ज्यादा रही। कंपनी ने अपनी विज्ञप्ति में कहा, हमारे पास नकदी व नकदी समकक्ष 32,614 करोड़ रुपये है। कंपनी का सकल कर्ज मार्च के आखिर में 57,028 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 2,159 करोड़ रुपये घटा। इसकी मुख्य वजह एल्युमीनियम व जिंक कारोबार में कर्ज का पुनर्भुगतान रही।

कंपनी का शुद्ध कर्ज मार्च के आखिर में 24,414 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 2,988 करोड़ रुपये ज्यादा है, जिसकी मुख्य वजह साल के दौरान लाभांश भुगतान रही और वीआरएल को दिया गया अंतर कंपनी कर्ज का भी इसमेंं योगदान रहा।

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First Published - May 13, 2021 | 11:53 PM IST

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