facebookmetapixel
Advertisement
विकसित भारत के लिए युवाओं को कौशल और डिजिटल ट्रेनिंग देने पर जोरहोर्मुज में जंग के बीच नाविकों के सामने दो विकल्प, सुरक्षित रहें या ज्यादा कमाएंPM मोदी से मिले 20 स्पेस स्टार्टअप के CEO, निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को बढ़ावा देने पर जोरबांग्लादेश के पीएम का भारत दौरा अटका, ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने पर भी संशयउदारीकरण के 35 साल: ​1991 के बाद टेलीविजन ने कैसे बदला भारतीय मीडियाEPFO का जिला स्तर पर विस्तार प्लान, रोजगार योजना की रियल टाइम निगरानी होगीभारतीय बैंकों की डॉलर बॉन्ड में दौड़ तेज, आरबीआई की सस्ती स्वैप विंडो का उठा रहे फायदासौर परियोजनाओं की अटकी डील सुलझाएगा मंत्रालय, डिस्कॉम से PPA पर बातचीतपरमाणु बिजली के लिए पारदर्शी शुल्क ढांचा चाहता है उद्योग, 8 रुपये प्रति यूनिट की सीमा की मांगछोटी कंपनियों पर म्युचुअल फंड्स का बड़ा दांव, एंकर निवेश के बाद भी लंबी अवधि तक बने रहते हैं

IPO की डेडलाइन पर अनिश्चितता के बीच Flipkart में बढ़ी हलचल, कई आला अफसर बाहर

Advertisement

Flipkart के IPO की तारीख साफ नहीं होने से वरिष्ठ कर्मचारियों के बीच चिंता बढ़ी है। कई बड़े अधिकारियों ने कंपनी से इस्तीफा दे दिया है

Last Updated- August 21, 2026 | 4:52 PM IST
Flipkart IPO
प्रतीकात्मक फोटो

Flipkart IPO: वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट में सीनियर लेवल पर अधिकारियों के आने-जाने का सिलसिला तेज हो गया है। कंपनी के प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ की समयसीमा साफ नहीं होने से कुछ कर्मचारियों की चिंता बढ़ रही है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बिजनेस स्टैंडर्ड को यह जानकारी दी।

सूत्रों के मुताबिक फ्लिपकार्ट समूह के कई वरिष्ठ अधिकारी कंपनी छोड़ चुके हैं या बाहर नई नौकरियों की संभावना तलाश रहे हैं। यह बदलाव केवल शीर्ष पदों तक सीमित नहीं है। कई निदेशक और वरिष्ठ निदेशक भी दूसरी कंपनियों में जाने के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।

इन वरिष्ठ अधिकारियों ने छोड़ी कंपनी

कंपनी छोड़ने वाले अधिकारियों में गुंजन भारती शामिल हैं। वह जनवरी 2026 में सीनियर वीपी के रूप में फ्लिपकार्ट से जुड़े थे और ईकार्ट के अलग-अलग कारोबार की वित्तीय जिम्मेदारी संभाल रहे थे। मिंत्रा में 2022 से चीफ मार्केटिंग ऑफिसर के पद पर काम कर रहे सुंदर बालासुब्रमण्यम भी कंपनी छोड़ चुके हैं।

फ्लिपकार्ट के ग्रॉसरी और मिनट्स कारोबार की आपूर्ति व्यवस्था संभालने वाले उपाध्यक्ष आमेर हुसैन भी नोटिस पीरियड में हैं। वह इसी साल जनवरी में फ्लिपकार्ट से जुड़े थे। उनकी नियुक्ति कंपनी के संभावित आईपीओ से पहले वरिष्ठ नेतृत्व को मजबूत करने की योजना का हिस्सा थी। फ्लिपकार्ट से इस बारे में विस्तृत प्रतिक्रिया मांगी गई थी, लेकिन खबर प्रकाशित होने तक कंपनी की ओर से जवाब नहीं मिला।

ESOP रखने वाले कर्मचारियों की चिंता बढ़ी

जानकारों के मुताबिक आईपीओ की समयसीमा स्पष्ट नहीं होने का सबसे ज्यादा असर कर्मचारी शेयर विकल्प यानी ईसॉप रखने वाले वरिष्ठ अधिकारियों पर पड़ रहा है। इन कर्मचारियों को उम्मीद थी कि फ्लिपकार्ट की शेयर बाजार में सूचीबद्धता के बाद उन्हें अपनी हिस्सेदारी बेचने का बड़ा अवसर मिलेगा। इसके साथ ही कंपनी का नया मूल्यांकन होने से उनके शेयर विकल्पों की कीमत बढ़ने की भी संभावना थी।

हालांकि, आईपीओ लगातार टलने और इसकी कोई पक्की समयसीमा सामने नहीं आने से वरिष्ठ कर्मचारियों में अनिश्चितता बढ़ी है। इसी कारण कुछ अधिकारी फ्लिपकार्ट समूह के बाहर अवसर तलाश रहे हैं।

मिंत्रा की पूर्व CEO पहुंचीं इंस्टामार्ट

फ्लिपकार्ट समूह की फैशन कंपनी मिंत्रा की मुख्य कार्याधिकारी नंदिता सिन्हा ने अप्रैल में पद छोड़ दिया था। वह जनवरी 2022 से यह जिम्मेदारी संभाल रही थीं। उनके स्थान पर शेरोन पेस को मिंत्रा का नया प्रमुख बनाया गया।

नंदिता सिन्हा ने बाद में स्विगी का दामन थाम लिया। उन्होंने 3 अगस्त से स्विगी के त्वरित सामान पहुंचाने वाले कारोबार इंस्टामार्ट के मुख्य कार्याधिकारी का पद संभाल लिया है।

सूत्रों के मुताबिक इंस्टामार्ट फ्लिपकार्ट समूह के दूसरे कर्मचारियों से भी बातचीत कर रहा है। त्वरित वाणिज्य कारोबार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अनुभवी अधिकारियों की मांग बढ़ रही है।

FirstClub भी बन रहा नया ठिकाना

फ्लिपकार्ट के कर्मचारियों के लिए त्वरित सामान पहुंचाने वाली नई कंपनी फर्स्टक्लब भी एक प्रमुख विकल्प बनकर उभर रही है। इसकी स्थापना फ्लिपकार्ट के पूर्व अधिकारी अय्यप्पन आर ने की थी।

फर्स्टक्लब ने जून में सीरीज-बी निवेश दौर में 5.5 करोड़ डॉलर जुटाए थे। इस निवेश दौर का नेतृत्व पीक एक्सवी पार्टनर्स और सोफिना ने किया। मौजूदा निवेशकों एक्सेल, आरटीपी ग्लोबल और पैरामार्क वेंचर्स ने भी इसमें भाग लिया था।

बताया जा रहा है कि फर्स्टक्लब ने फ्लिपकार्ट समूह की पूर्व मानव संसाधन अधिकारी सोनिका प्रणय को अपना ‘पीपल एंड कल्चर’ प्रमुख नियुक्त किया है। उनके पास इस क्षेत्र में 15 साल से अधिक का अनुभव है।

IPO पर अभी कोई पक्की समयसीमा नहीं

फ्लिपकार्ट ने अभी अपने आईपीओ के लिए कोई समयसीमा तय नहीं की है। समूह के मुख्य कार्याधिकारी कल्याण कृष्णमूर्ति ने जुलाई में बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया था कि आईपीओ जैसा फैसला बहुलांश निवेशकों और निदेशक मंडल की चर्चा के आधार पर लिया जाएगा। कंपनी फिलहाल उस चरण में नहीं पहुंची है।

Also Read | स्मॉल कैप फंड्स 6 महीने में 165% उछला निवेश, क्यों लगातार पैसा झोंक रहे हैं निवेशक?

फ्लिपकार्ट ने मार्च 2026 में अपना मुख्यालय सिंगापुर से भारत स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पूरी की थी। इस ‘रिवर्स फ्लिप’ को घरेलू शेयर बाजार में कंपनी की संभावित सूचीबद्धता की दिशा में अहम कदम माना गया था।

हालांकि, कंपनी का आईपीओ कथित तौर पर 2028 तक टल गया है। इसकी अस्थायी समयसीमा को लेकर भी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

कर्मचारियों को ESOP बेचने का मिला मौका

आईपीओ की देरी के बीच फ्लिपकार्ट ने पात्र कर्मचारियों को अपने कर्मचारी शेयर विकल्पों का कुछ हिस्सा बेचने की अनुमति दी है। कंपनी ने जुलाई में कहा था कि पहले घोषित नकदी कार्यक्रम के तहत दूसरी बार कर्मचारियों को यह अवसर दिया जाएगा।

फ्लिपकार्ट स्टॉक ऑप्शन प्लान 2026 के तहत 15 जुलाई 2026 तक कंपनी में काम कर रहे पात्र कर्मचारी अपने बकाया शेयर विकल्पों का अधिकतम 5 फीसदी हिस्सा बेच सकते हैं। इसमें 16 जुलाई 2023 से 15 जुलाई 2026 के बीच अधिकार में आए शेयर विकल्प शामिल हैं।

इन विकल्पों के लिए नकदी मूल्य 713.4 रुपये प्रति विकल्प तय किया गया था। आंतरिक सूचना के मुताबिक कर्मचारियों को अगस्त 2026 में भुगतान किया जाना था।

कैसे रहे फ्लिपकार्ट के वित्तीय आंकड़े?

फ्लिपकार्ट के ऑनलाइन बाजार कारोबार का संचालन करने वाली फ्लिपकार्ट इंटरनेट ने वित्त वर्ष 2025 में 20,493 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया था। यह पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 14 फीसदी ज्यादा रहा।

कंपनी का शुद्ध घाटा 37 फीसदी घटकर 1,494 करोड़ रुपये रह गया था। हालांकि, राजस्व बढ़ने की रफ्तार धीमी हुई है। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी का राजस्व 21 फीसदी बढ़ा था, जबकि वित्त वर्ष 2025 में वृद्धि 14 फीसदी रही।

फ्लिपकार्ट के लिए अब एक तरफ मुनाफे की दिशा में आगे बढ़ना और दूसरी तरफ वरिष्ठ नेतृत्व को बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी। कंपनी का आईपीओ कब आएगा, यह फैसला निवेशकों और निदेशक मंडल पर निर्भर करेगा। तब तक सूचीबद्धता की समयसीमा से जुड़ी अनिश्चितता कर्मचारियों और उनके शेयर विकल्पों पर बनी रह सकती है।

Advertisement
First Published - August 21, 2026 | 4:50 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement