प्राइमरी मार्केट में एक बार फिर हलचल बढ़ती दिख रही है। एक तरफ लुमिनो इंडस्ट्रीज (Lumino Industries) अपना 700 करोड़ रुपये का IPO लेकर आ रही है। यह इश्यू 27 अगस्त को निवेशकों के लिए खुलेगा। वहीं दूसरी तरफ मिक्सर ग्राइंडर, वाटर प्यूरीफायर और दूसरे घरेलू उपकरण बनाने वाली एटमबर्ग टेक्नोलॉजीज (Atomberg Technologies) ने भी शेयर बाजार में उतरने की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी ने IPO के लिए बाजार नियामक सेबी के पास शुरुआती दस्तावेज दाखिल किए हैं।
लुमिनो का IPO जहां अगले सप्ताह निवेशकों के सामने होगा, वहीं Atomberg ने IPO के जरिये नए शेयर जारी कर 450 करोड़ रुपये तक जुटाने की योजना बनाई है। दोनों कंपनियां IPO से मिलने वाली रकम के एक हिस्से का इस्तेमाल कर्ज घटाने के लिए करेंगी।
लुमिनो इंडस्ट्रीज का 700 करोड़ रुपये का IPO 27 अगस्त को खुलेगा और 31 अगस्त को बंद होगा। एंकर निवेशक 25 अगस्त को बोली लगा सकेंगे। कंपनी ने IPO के लिए 78 से 82 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से कंपनी का मूल्यांकन करीब 2,500 करोड़ रुपये बैठता है।
IPO में 500 करोड़ रुपये तक के नए शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा मौजूदा शेयरधारकों की ओर से 200 करोड़ रुपये तक के शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिये बेचे जाएंगे। इस तरह IPO का कुल आकार 700 करोड़ रुपये होगा।
लुमिनो नए शेयरों से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, उपकरण और मशीनरी खरीदने और मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को बेहतर बनाने में करेगी। इसके अलावा रकम का इस्तेमाल सिविल वर्क, मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के इंटीरियर डेवलपमेंट और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए भी किया जाएगा।
IPO में 50 फीसदी हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB), 15 फीसदी गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) और 35 फीसदी रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व रखा गया है। कंपनी के शेयरों को 3 सितंबर को BSE और NSE पर लिस्ट करने का प्रस्ताव है।
लुमिनो भारत में इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन यानी EPC कारोबार से जुड़ी कंपनी है। कंपनी बिजली वितरण और ट्रांसमिशन सेक्टर के लिए कंडक्टर, पावर केबल, इलेक्ट्रिकल वायर और दूसरे विशेष उपकरण बनाती और उनकी आपूर्ति करती है।
कंपनी हाई-टेम्परेचर लो-सैग (HTLS) कंडक्टर भी बनाती है, जिनका इस्तेमाल बिजली ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों में किया जाता है। इसके ग्राहकों में कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल, जैक्सन, वरोरा कुरनूल ट्रांसमिशन और मोंटे कार्लो जैसी कंपनियां शामिल हैं।
कंपनी का कारोबार भारत तक सीमित नहीं है। अमेरिका, नेपाल, बांग्लादेश, केन्या, घाना, रवांडा और इथियोपिया जैसे देशों में सरकारी बिजली कंपनियां और बिजली बोर्ड भी इसके ग्राहकों में शामिल हैं। मोतीलाल ओसवाल, जेएम फाइनेंशियल और मोनॉर्च नेटवर्थ कैपिटल इस IPO के बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं, जबकि बिगशेयर सर्विसेज रजिस्ट्रार है।
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होम अप्लायंसेज बनाने वाली एटमबर्ग टेक्नोलॉजीज ने IPO लाने के लिए सेबी के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया है। कंपनी IPO में नए शेयर जारी कर 450 करोड़ रुपये तक जुटाने की योजना बना रही है। इसके अलावा मौजूदा निवेशक ऑफर फॉर सेल के जरिये 7.65 करोड़ इक्विटी शेयर बेचेंगे।
OFS के तहत A91 पार्टनर्स, टेमसेक समर्थित वी-साइंसेज इन्वेस्टमेंट्स, जंगल वेंचर्स, इनफ्लेक्सर, स्टेडव्यू कैपिटल मॉरीशस और सुरवम पार्टनर्स एलएलपी अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचेंगे।
एटमबर्ग नए शेयरों से मिलने वाली रकम में से 150 करोड़ रुपये ब्रांड जागरुकता और परफॉर्मेंस मार्केटिंग पर खर्च करने की योजना बना रही है। इसके अलावा 100 करोड़ रुपये रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) में लगाए जाएंगे, जबकि 90 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कुछ कर्ज को पूरी तरह या आंशिक रूप से चुकाने में किया जाएगा। बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों पर खर्च होगी।
एटमबर्ग की शुरुआत मनोज मीणा ने 2012 में की थी और 2013 में सिबब्रत दास सह-संस्थापक के रूप में कंपनी से जुड़े। कंपनी टेक्नोलॉजी आधारित घरेलू उपकरण बनाती है। इसके उत्पादों में मिक्सर ग्राइंडर, वाटर प्यूरीफायर और कोल्ड-प्रेस्ड जूसर जैसे उपकरण शामिल हैं।
कंपनी की सहायक इकाई एटमबर्ग इनोवेशंस मोटर और कंट्रोलर जैसे अपने डिजाइन किए हुए उपकरण भी बनाती और उनकी आपूर्ति करती है। इसके ग्राहकों में वोल्टॉस, गोदरेज और ब्लूस्टार जैसी कंपनियां शामिल हैं।
एटमबर्ग का कारोबार दो हिस्सों- कंज्यूमर अप्लायंसेज और प्रोप्राइटरी कंपोनेंट्स में बंटा हुआ है। कंपनी पुणे में दो लीज पर ली गई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट चलाती है।
IPO से पहले एटमबर्ग के वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो कंपनी के कारोबार में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। कंपनी का परिचालन राजस्व वित्त वर्ष 2024 के 796.98 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 1,293.77 करोड़ रुपये हो गया।
हालांकि कंपनी अभी भी घाटे में है। अच्छी बात यह है कि इस दौरान घाटा कम हुआ है। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी को 199 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था, जो वित्त वर्ष 2026 में घटकर 149 करोड़ रुपये रह गया। ICICI सिक्युरिटीज, एवेंडस कैपिटल और आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज एटमबर्ग के आईपीओ के बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं।