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टीटीएमएल का ऑफर बढ़ाना होगा

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Last Updated- December 09, 2022 | 11:21 PM IST

जापानी दूरसंचार कंपनी डोकोमो की ओर से टाटा टेलीसर्विसेज (टीटीएमएल) को दिए गए ओपन ऑफर में रुकावट आ गई है।


सेबी ने इस ओपन ऑफर के मूल्य पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि वे टाटा टेलीसर्विसेज के मूल्यांकन में इजाफा करे। इसकी टीटीएमएल में 37.5 फीसदी की हिस्सेदारी है। डोकोमो ने नवंबर 2008 में टाटा टेलीसर्विसेज (टीटीएसएल) में 26 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है।

इसमें ओपन ऑफर के तहत उसने टीटीएमएल के 20 फीसदी शेयरों को 24.70 रुपये प्रति शेयर की दर से खरीदी। चूंकि यह अधिग्रहण अप्रत्यक्ष तौर पर था, इसलिए 24.70 रुपये प्रति शेयर की कीमत छह महीने के औसत के आधार पर निर्धारित की गई।

बाजार नियामक मानती है कि दोनों कंपनियां भारत में काम करती है और एक ही क्षेत्र से जुड़ी हुईं हैं, इसलिए अप्रत्यक्ष अधिग्रहण भी प्रत्यक्ष तौर पर होनी चाहिए। 13070 करोड़ रुपये की अधिग्रहण लागत के टीटीएसएल की कीमत 50269 करोड़ रुपये लगाई गई थी।

यह 20 सर्किलों में कार्यरत है और इसके ग्राहकों की संख्या 2 करोड़ 50 लाख है। 20107 रुपये प्रति सर्किल की दर से डोकोमो ने यह राशि अदा की थी।

दूसरी तरफ, टीटीएमएल को 24.70 रुपये प्रति शेयर की दर से 4700 करोड़ रुपये और प्रति ग्राहक के आधार पर लगभग 9200 करोड़ रुपये देने की बात कही गई है। इससे साफ जाहिर होता है कि यह राशि होल्डिंग कंपनी के अधिग्रहण से काफी कम है।

लेजार्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारी से जब इस बाबत संपर्क स्थापित किया गया, तो उन्होंने किसी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

हालांकि उन्होंने कहा है कि वे सेबी की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। लेजार्ड इंडिया अधिग्रहण करने वाली कंपनी की परामर्शदाता कंपनी है और ओपन ऑफर के लिए मचर्ट बैंकर भी है।

अप्रत्यक्ष अधिग्रहण के तहत जब ओपन ऑफर की बात की जाती है, तो इसका मतलब होता है कि होल्डिंग कंपनी, जो भारत या विदेश में क्रियाशील है, की कीमत होल्डिंग कंपनी की पब्लिक घोषणा के आधार पर की जानी चाहिए।

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First Published - January 28, 2009 | 10:49 PM IST

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