निजी क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया (वी) लगातार चौथे महीने नए ग्राहक जोड़ने में कामयाब रही है। वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत से लगातार चौथे और कैलेंडर वर्ष 2026 में फरवरी से लगातार छठे महीने नए ग्राहक जुड़ने को वी के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने ये आंकड़े दिए हैं।
भारत की इस तीसरी सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी ने जुलाई में 2,40,114 नए ग्राहक जोड़े। इन नए आंकड़ों के साथ कंपनी के कुल ग्राहकों (उपभोक्ताओं) की संख्या 19.90 करोड़ हो गई जो 20 करोड़ के आंकड़े के बहुत करीब है। अप्रैल से अब तक कंपनी ने 5,70,000 से अधिक और फरवरी से 6,90,000 से अधिक ग्राहक जोड़े हैं। वर्ष 2018 में आइडिया सेल्युलर और वोडाफोन इंडिया के विलय के बाद कंपनी ने पहली बार किसी तिमाही (अप्रैल-जून वित्त वर्ष 2027) में शुद्ध नए ग्राहक जोड़े हैं। कंपनी ने इस साल फरवरी में तीन वर्ष की अवधि में 45,000 करोड़ रुपये की पूंजीगत व्यय योजना तैयार की थी।
फरवरी से जुलाई तक के छह महीने उससे ठीक पहले के छह महीनों से बिल्कुल अलग हैं। उन छह महीनों के दौरान इस दूरसंचार कंपनी से 36 लाख से अधिक ग्राहक छिटक गए थे।
अगस्त 2025 में आदित्य बिड़ला ग्रुप की इस कंपनी के पास जुलाई 2026 की तुलना में अधिक ग्राहक (20.35 करोड़) थे। हालांकि, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही तक उसके पास 13 करोड़ 4जी और 5जी ग्राहक थे मगर कुल उपभोक्ताओं और शुद्ध नए ग्राहक जोड़ने के मामले में वह अभी भी रिलायंस जियो और भारती एयरटेल से पीछे है।
आदित्य बिड़ला ग्रुप के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला ने गुरुवार को कंपनी की सालाना आम बैठक (एजीएम) में इसे ‘एक अहम पड़ाव’ बताया। उन्होंने इसे नेटवर्क ढांचे और ग्राहकों का अनुभव बेहतर बनाने में लगातार किए जा रहे निवेश का नतीजा बताया।
वी के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) अभिजित किशोर ने कहा कि पिछले एक वर्ष में 15,500 और दो वर्षों में 32,000 4जी मोबाइल टावर एवं उपकरण लगाने से नेटवर्क बेहतर हुआ है जिससे ग्राहकों की संतुष्टि और उन्हें बनाए रखने की क्षमता सुधरी है। किशोर ने इस महीने की शुरुआत में कंपनी की अर्निंग कॉल में कहा, ‘जिन जगहों पर हमने 5जी सेवा शुरू की है वहां पिछले वर्ष के मुकाबले ग्राहकों के जुड़ाव में साफ फर्क दिख रहा है और इसमें सुधार हो रहा है। यह सभी सर्किल में दिखाई दे रहा है।’
वी ने पिछले वर्ष मार्च में दिल्ली क्षेत्र (सर्किल) से अपनी 5जी सेवा शुरू की थी और धीरे-धीरे इसका विस्तार दूसरे क्षेत्रों में भी किया। जून तक कंपनी के पास 5जी के 16,000 टावर एवं उपकरण थे। कंपनी अगली दो तिमाहियों में 200 से अधिक शहरों में सेवा शुरू करने की योजना बना रही है।
हालांकि, वी ने पिछले कुछ समय में कई अलग-अलग तरह की योजनाओं की पेशकश की है। उदाहरण के लिए पोस्टपेड ग्राहकों के लिए स्पोटीफाई के साथ साझेदारी, वी एजु प्लस, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में फिजिक्स वाला के साथ साझेदारी (छात्रों को डिजिटल माध्यम से पढ़ाई का लाभ देने के लिए) की थी। मगर असली बदलाव तब आया जब पिछले साल के अंत में समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) का बड़ा मसला सुलझ गया।
वोडाफोन आइडिया को इस संबंध में जानकारी के लिए भेजे गए ईमेल का खबर लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं आया।
वी के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष बिड़ला ने इस घटनाक्रम को ‘एक निर्णायक मोड़’ बताया जिसने वर्षों की अनिश्चितता खत्म हो गई और कंपनी को महज कारोबार टिकाए रहने के बजाय इसे आगे बढ़ने का मौका मिला।
बिड़ला ने गुरुवार को वी की एजीएम में कहा,‘पुरानी चुनौतियों को दूर करने, वित्तीय लचीलापन बहाल करने, नेटवर्क ढांचे में निवेश और कारोबार में फिर से तेजी लाने में काफी प्रगति हुई है। अब ध्यान अनुशासित तरीके से काम करने, परिचालन श्रेष्ट बनाने और निवेश को सभी हितधारकों के लिए टिकाऊ वृद्धि और दीर्घ अवधि के लाभ में तब्दील करने पर है।’
काउंटरपॉइंट रिसर्च में वरिष्ठ शोध विश्लेषक सिद्धांत कैली ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया,‘यह स्थिति में सुधार की शुरुआती झलक है मगर इसे बनाए रखना सबसे जरूरी होगा। ब्रॉडबैंड उपभोक्ता और डेटा इस्तेमाल में लगातार बढ़ोतरी जैसे बड़े संकेत वी के लिए बेहतर कारोबार विकास की ओर इशारा करते हैं। हालांकि, इस तिमाही में 2-3 लाख नए ग्राहकों का जुड़ना अब भी कम ही माना जाएगा। समय के साथ इसे बढ़ाकर 20 लाख से अधिक तिमाही बढ़ोतरी तक पहुंचना होगा।’