पैसों की जबरदस्त तंगी झेल रही सुजलॉन एनर्जी ने भारत में अपनी क्षमता विस्तार की योजनाओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
उसने 3200 मेगावॉट से 5700 मेगावॉट की परियोजनाओं को फिलहाल स्थगित कर दिया है। सुजलॉन के प्रमुख परिचालन अधिकारी सुमंत सिन्हा ने कहा कि कर्नाटक के मंगलोर में कार्यशील क्षमता को बढ़ाकर 4200 मेगावॉट कर दिया गया है।
यह 1500 मेगावॉट क्षमता वर्तमान और भविष्य की मांगों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। उन्होंने बताया, ‘हमने विस्तार कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया है। अगर जरूरत पड़ी, तो छोटे निवेश के जरिये थोड़ा बहुत क्षमता विस्तार किया जा सकता है।