सुभिक्षा के साथ ब्ल्यू ग्रीन कंस्ट्रक्शन ऐंड इन्वेटमेंट लिमिटेड का प्रस्तावित विलय फिलहाल टल गया है। इस बारे में दायर रिवर्स मर्जर याचिका की सुनवाई को मद्रास उच्च न्यायालय ने दो हफ्ते के लिए टाल दिया है।
इसके साथ ही आईसीआईसीआई और प्रेमजी इन्वेस्ट की ओर से विलय को रोकने की याचिका की सुनवाई भी टाल दी गई है। गौरतलब है कि इन याचिका पर गुरुवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन यह तीसरा मौका है, जबकि इस याचिका की सुनवाई को आगे टाला गया है।
दरअसल, इसकी वजह वकीलों की ओर से कोर्ट का बहिष्कार करने की वजह से इन याचिका की सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस पर 27 मार्च को सुनवाई हो सकती है। पहले 3 मार्च को सुनवाई की तारीख तय की गई थी, जिसे बढ़ाकर 9 मार्च कर दिया गया था।
दरअसल, सुभिक्षा की ओर से कोई वकील कोर्ट नहीं पहुंच पाया था, यही वजह रही की इस याचिका पर सुनवाई नहीं हो पाई। अजीम प्रेमजी की कंपनी प्रेमजी इन्वेस्ट ने मद्रास उच्च न्यायालय में सुभिक्षा के गैर वित्तीय कंपनी ब्ल्यूग्रीन कंस्ट्रक्शन ऐंड इन्वेस्टमेंट के प्रस्तावित विलय के विरूद्ध याचिका दायर की थी।
सुभिक्षा ने ब्ल्यूग्रीन के शेयर दो करोड़ रुपये में खरीदे थे। उसकी योजना थी कि वर्ष 2007 में अधिग्रहीत की गई इस कंपनी का सुभिक्षा में विलय किया जाए। कंपनी की योजना थी कि दोनों कंपनियों का विलय कर बंबई स्टॉक एक्सचेंज और नैशनल स्टॉक एक्सचेंज में सुभिक्षा के नाम से सूचीबद्ध कराया जाए।
लेकिन सुभिक्षा के निवेशक, जिसने सितंबर 2008 में कंपनी में करीब 230 करोड़ रुपये के निवेश से 10 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी, वह इस विलय के पक्ष में नहीं थी और इस मामले को मद्रास उच्च न्यायालय ले गई। हालांकि इस बारे में सुभिक्षा के संस्थापक और प्रबंध निदेशक आर. सुब्रमण्यन का कहना है कि निवेशक पहले प्रस्तावित विलय के पक्ष में थे, लेकिन अब इससे इनकार कर रहे हैं।