टाटा की वितरण शृंखला का इस्तेमाल करेगा सोलफुल

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 6:12 AM IST

टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (टीसीपीएल) द्वारा खरीदे गए ब्रेकफास्ट सीरीअल और स्नैकिंग ब्रांड सोलफुल ने अपने वितरण नेटवर्क में कम से कम तीन गुना तक का विस्तार करने की योजना बनाई है। यह जानकारी कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी  प्रशांत परमेश्वरन ने दी है। टाटा कंज्यूमर सोलफुल प्राइवेट लिमिटेड की भारत में 12 शहरों में फैले 12,000-15,000 आउटलेटों तक पहुंच है, जिनमें से ज्यादातर महानगरीय और शहरी इलाकों में स्थित हैं।
परमेश्वरन ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘टीसीपीएल द्वारा अधिग्रहण के बाद, हम पैतृक कंपनी के पूरे भारत में फैले व्यापक वितरण नेटवर्क का लाभ उठाना चाहेंगे। टीसीपीएल की ओर से, सोलफुल एक हेल्दी मिलेट-आधारित ऑन-द-गो रेडी स्नैकिंग ब्रांड के तौर पर चाय और नमक के उसके मौजूदा पोर्टफोलियो के अनुकूल है।’
टीसीपीएल ने सोलफुल ब्रांड की मालिक कोट्टारम एग्रो फूड्स लिमिटेड का कुछ सप्ताह पहले करीब 155 करोड़ रुपये की उद्यम वैल्यू में अधिग्रहण किया।
सोलफुल की शुरुआत प्रशांत परमेश्वरन द्वारा वर्ष 2013 में की गई थी और इसने अत्याधुनिक स्वरूप में मिलेट पर मजबूती से ध्यान केंद्रित कर एक विशिष्ट ब्रांड के तौर पर स्वयं की पहचान बनाई है। कंपनी रेडी ऑन-टु-गो स्नैक्स और ब्रेकफास्ट सीरीअल का दायरा बढ़ाने की संभावना तलाश रही है और ये सभी उत्पाद मिलेट से तैयार किए जाते हैं। इसके अलावा वह हेल्थ एवं वेलनेस पोर्टफोलियो का दायरा बढ़ाने पर भी जोर दे रही है।
हेल्थ एवं वेलनेस पोर्टफोलियो का बाजार 20,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है जिसमें ब्रेकफास्ट सीरीअल, स्नैकिंग आदि जैसे विभिन्न उत्पाद शामिल हैं और यह श्रेणी सालाना करीब 15 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। परमेश्वरन ने कहा, ‘हमारे पास ‘स्मूदिक्स’ नाम का प्रोडक्ट है जो मिलेट-आधारित हेल्थ ड्रिंक है जिसे निजी तौर पर सिर्फ ऑनलाइन माध्यम के जरिये बेचा जाता है।

दशक के उच्चस्तर पर पहुंचेगी सीमेंट की मांग : इक्रा
देश में सीमेंट की मांग एक दशक के उच्चस्तर पर पहुंचने की संभावना है और उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2022 में यह 34 करोड़ टन के पार निकल जाएगी। इसकी वजह ग्रामीण इलाके में स्थिर मांग और बुनियादी ढांचे से जुड़ी गतिविधियों में बढ़ोतरी है। आपूर्ति के मोर्चे पर उत्पादन क्षमता में इजाफा भी वित्त वर्ष 2022 में 2.2-2.5 करोड़ टन हो सकता है।
इक्रा के नोट के मुताबिक, सीमेंट की कीमतें हालिया बढ़त के स्तर पर टिकी रह सकती हैं, जिसे मांग में सुधार से मदद मिलेगी। साथ ही इनपुट लागत में इजाफा वित्त वर्ष के दौरान परिचालन मार्जिन पर दबाव बढ़ा सकता है।
इसके परिणामस्वरूप डेट कवरेज मानकों में थोड़ी नरमी आ सकती है, लेकिन यह ठीक-ठाक स्तर पर रहने की संभावना है। इक्रा के उपाध्यक्ष राजेश्वर बरला के हवाले से कहा गया है, खरीफ की अच्छी फसल, रबी की बुआई में इजाफा और कई इलाकों में जलाशय का स्तर जनवरी-फरवरी 2021 के दौरान पिछले 10 साल के औसत के मुकाबले ठीक रहने के कारण ग्रामीण इलाके में अवधारणा सकारात्मक रहने की संभावना है।  बीएस

First Published : April 6, 2021 | 11:48 PM IST