facebookmetapixel
Advertisement
तीन महीनों की बिकवाली के बाद FPI की दमदार वापसी, फरवरी में बरसे ₹19,675 करोड़Lenovo India Q3 Results: एआई और इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूत मांग से कमाई में उछाल, राजस्व 7 फीसदी बढ़कर ₹8,145 करोड़ परMCap: टॉप 6 कंपनियों का मार्केट कैप ₹3 लाख करोड़ घटा, TCS और Infosys सबसे ज्यादा प्रभावितEAM Jaishankar की दो टूक, विदेश और ऊर्जा नीति में भारत स्वतंत्रबांग्लादेश की राजनीति में नया अध्याय, तारिक रहमान सोमवार को लेंगे पीएम पद की शपथ; PM Modi को भी निमंत्रणManappuram Finance में बैन कैपिटल की बड़ी एंट्री, RBI से मिली हरी झंडीसट्टेबाजी पर शिकंजा! RBI ने बदले कर्ज के नियम, बाजार में हलचलCredit Card Tips: क्या सच में फ्री होती है No Cost EMI? शर्तें पढ़े बिना न करें खरीदारीअब विदेशों में छाएगी यूपी की व्हिस्की, योगी सरकार की नई एक्सपोर्ट नीति से खुलेंगे दरवाजेदिसंबर संकट के बाद इंडिगो की बड़ी उड़ान, 1000 से ज्यादा पायलटों की भर्ती का ऐलान

Adani Group में शेयरधारिता ना बताने पर SEBI सख्त, दो मॉरीशस फंड पर लटकी कार्रवाई की तलवार

Advertisement

सेबी के दस्तावेज के मुताबिक इलारा इंडिया ऑपर्च्युनिटीज फंड और वेस्परा फंड जैसे मॉरीशस के दो फंडों को साल 2023 से बारीक खुलासे मुहैया कराने को कहा गया था।

Last Updated- May 19, 2025 | 10:59 PM IST
Adani
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अदाणी समूह में निवेश करने वाले मॉरीशस के दो फंडों को कार्रवाई की चेतावनी दी है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने इससे जुड़े दस्तावेज देखे हैं। इनके मुताबिक नियामक ने कहा कि दो साल से लगातार अनुरोध के बावजूद शेयरधारिता का विवरण साझा नहीं करने पर दंड और लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है। साल 2023 में हिंडनबर्ग रिसर्च ने अदाणी समूह पर कर के अनुकूल देशों के बेजा इस्तेमाल का आरोप लगाया था, जिसके बाद कंपनी के शेयरों में बिकवाली शुरू हो गई थी। सेबी अदाणी समूह और उसके 13 विदेशी निवेशकों की जांच कर रहा है। समूह ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है और उसके शेयरों में तब से सुधार भी हो गया है।

भारतीय नियमों के मुताबिक सूचीबद्ध कंपनियों के कम से कम 25 फीसदी शेयर सार्वजनिक शेयरधारकों के पास होने चाहिए मगर हिंडनबर्ग ने आरोप लगाया था कि अदाणी समूह ने उन नियमों का उल्लंघन किया है क्योंकि अदाणी कंपनी में होल्डिंग रखने वाले कुछ विदेशी फंड समूह से जुड़े थे।

इस साल 28 मार्च के सेबी के दस्तावेज के मुताबिक इलारा इंडिया ऑपर्च्युनिटीज फंड और वेस्परा फंड जैसे मॉरीशस के दो फंडों को साल 2023 से बारीक खुलासे मुहैया कराने को कहा गया था क्योंकि अदाणी समूह में उनकी अच्छी-खासी पोजीशन थीं। दस्तावेज में कहा गया है, ‘आज तक इन विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने सेबी को यह विवरण नहीं दिया है और न ही इसका कोई कारण बताया है।’

हालांकि, इलारा कैपिटल और सेबी ने रॉयटर्स के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया है। अदाणी समूह ने भी कोई उत्तर नहीं दिया है।

सेबी के दस्तावेज में बताया गया है कि इलारा फंड ने 5 फीसदी से अधिक वाले अदाणी के शेयरों की खरीद के बारे में भी कुछ नहीं बताया है जबकि नियमों के मुताबिक यह जरूरी है। उसने सटीक शेयरधारिता के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी है।

Advertisement
First Published - May 19, 2025 | 10:15 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement