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Scam 2010: सहारा ग्रुप ने ‘स्कैम 2010 – द सुब्रत रॉय सागा’ वेब सीरीज़ पर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी

फिल्म निर्देशक हंसल मेहता ने गुरुवार को वेब सीरीज "स्कैम 2010: द सुब्रता रॉय सागा" के डेवलपमेंट की घोषणा की।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- May 20, 2024 | 4:20 PM IST

सहारा ग्रुप ने आगामी वेब सीरीज़ ‘स्कैम 2010 – द सुब्रत रॉय सागा’ की कड़ी आलोचना की है। साथ ही उन्होंने इसे “अपमानजनक और निंदनीय कृत्य” कहा है। ग्रुप ने यह भी कहा कि वह शो के निर्माताओं के खिलाफ “कानूनी कार्रवाई” पर विचार कर रहा है।

यह नई सीरीज़, जिसे “बिजनेसमैन सुब्रत रॉय की अर्श से फर्श तक की कहानी” कहा जा रहा है, फिल्म निर्माता हंसल मेहता की ‘स्कैम’ सीरीज़ का तीसरा भाग है। इससे पहले, सोनी लिव पर ‘स्कैम 1992: द हर्षद मेहता स्टोरी’ और ‘स्कैम 2003: द तेलगी स्टोरी’ को बड़ी सफलता मिली थी।

फिल्म निर्देशक हंसल मेहता ने गुरुवार को वेब सीरीज “स्कैम 2010: द सुब्रता रॉय सागा” के डेवलपमेंट की घोषणा की। इस घोषणा के बाद सहारा इंडिया ने कड़ी आपत्ति जताई है। सहारा ग्रुप ने एक बयान में कहा कि वो इस मामले में कानूनी कार्रवाई की संभावनाएं तलाश रहे हैं। उनका कहना है कि वे निर्माता, निर्देशक और सीरीज से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।

सहारा ग्रुप ने अपने बयान में कहा है कि “स्कैम” के निर्माताओं ने सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए “घटिया और निंदनीय हरकत” की है। बयान में आगे कहा गया है, “सहारा इंडिया परिवार इस तरह के कृत्यों की कड़ी निंदा करता है और इस अपमानजनक व्यवहार का विरोध करेगा। इस मामले में प्रभावित सदस्य निर्माता, निर्देशक और गलत चित्रण करने में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए सलाह ले रहे हैं।”

सावधानी और जवाबी दलीलें

सहारा ग्रुप ने इस बात को बताया है कि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) और कंपनी के बीच चल रहा विवाद अभी भी भारत के सुप्रीम कोर्ट में है। उन्होंने कार्यवाही को प्रभावित करने के किसी भी प्रयास के खिलाफ चेतावनी दी है, उनका कहना है कि ऐसी कार्रवाई को अदालत की अवमानना और संभावित रूप से अपराध माना जा सकता है।

ग्रुप ने स्पष्ट किया कि सहारा इंडिया परिवार ने कभी भी कोई चिट फंड गतिविधि नहीं की है। उन्होंने आगे जोर देते हुए कहा, सहारा-सेबी मुद्दा इस बात को लेकर है कि क्या सहारा ग्रुप द्वारा जारी कुछ बांड पर सेबी का नियंत्रण है या नहीं।

(तमाल बंद्योपाध्याय की किताब ‘सहारा: द अनटोल्ड स्टोरी’ पर आधारित यह सीरीज़ हंसल मेहता के निर्देशन में अपलॉज एंटरटेनमेंट के सहयोग से स्टूडियो नेक्स्ट द्वारा बनाई जानी है।)

फिल्म की प्रोडक्शन टीम के अनुसार, “स्कैम 2010” भारत के सबसे चर्चित वित्तीय घोटालों में से एक पर आधारित होगा।

प्रोडक्शन टीम ने एक प्रेस रिलीज में कहा, “2000 के दशक की शुरुआत में, सुब्रत रॉय पर चिट फंड में हेराफेरी से लेकर फर्जी निवेशक तक कई तरह के आरोप लगे थे, जिसके चलते अंततः 2014 में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। बिना क्लेम किए गए लगभग 25,000 करोड़ रुपये अभी भी सरकारी अधिकारियों के पास जमा हैं, जिसका मतलब है कि घोटाले का असर आज भी महसूस किया जा सकता है।”

वहीं दूसरी ओर, सहारा ग्रुप का कहना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में किसी ऐसे व्यक्ति की छवि खराब नहीं करने दी जानी चाहिए जो अपना बचाव नहीं कर सकता। ग्रुप ने सीरीज़ के टाइटल में ‘घोटाला’ शब्द के इस्तेमाल की भी आलोचना की। ग्रुप ने कहा, “वेब सीरीज़ के टाइटल में ‘घोटाला’ शब्द का इस्तेमाल और इसे सहारा से जोड़ना पहली नज़र में मानहानिकारक लगता है, और इससे सहाराश्री जी और सहारा इंडिया परिवार की छवि और प्रतिष्ठा धूमिल होती है।”

क्या था सहारा स्कैम?

नवंबर 2023 में लंबी बीमारी से जूझने के बाद 75 वर्ष की उम्र में सुब्रत रॉय का निधन हो गया। उनकी कंपनियों को लेकर कई कानूनी और सरकारी जांचें चलीं। रॉय की कंपनियों पर पोंजी स्कीम चलाकर नियमों को तोड़ने का आरोप था, हालांकि उनके ग्रुप ने इन आरोपों को हमेशा गलत बताया।

2011 में सेबी ने सहारा ग्रुप की दो कंपनियों – सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (SIREL) और सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (SHICL) को निर्देश दिया था कि वे लगभग 3 करोड़ निवेशकों से जुटाए गए धन को वापस लौटाएं।

यह धन कुछ खास बॉन्ड्स के जरिए जुटाया गया था, जिन्हें ऑप्शनली फुली कनवर्टिबल बॉन्ड्स (OFCD) कहा जाता था। सेबी ने माना कि इन दोनों कंपनियों ने इन बॉन्ड्स को बेचकर अपने नियमों का उल्लंघन किया है। इसी वजह से सेबी ने यह आदेश दिया।

कई अपीलों और जवाबी अपीलों के बाद, भारत के सुप्रीम कोर्ट ने 31 अगस्त 2012 को सेबी के आदेश को सही ठहराया और इन दोनों कंपनियों को 15 प्रतिशत ब्याज के साथ निवेशकों का पैसा वापस करने का निर्देश दिया। सहारा ग्रुप का दावा था कि उसने सीधे 95 फीसदी से ज्यादा निवेशकों को पैसा लौटा दिया है, लेकिन इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सेबी के पास भविष्य में निवेशकों को भुगतान के लिए अनुमानित 24,000 करोड़ रुपये जमा करने को कहा गया।

First Published : May 20, 2024 | 4:20 PM IST