मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस पेट्रोलियम (आरपीएल) ने जामनगर में अपनी दूसरी रिफाइनरी में नवंबर के मध्य तक उत्पादन शुरू कर देने की योजना बनाई है।
इस रिफाइनरी से जुड़े अधिकारियों ने बताया, ‘अभी तकरीबन 6 सप्ताह का काम बाकी है जिसमें लगभग 40 इकाइयों पर काम किया जाना है। रिफाइनरी की शुरुआत से पूर्व का कार्य तकरीबन पूरा हो चुका है।’
अधिकारियों के मुताबिक पहले इस रिफाइनरी को दिसंबर में शुरू करने की योजना बनाई गई थी। लेकिन अब ऐसा लगता है कि 6 से 7 सप्ताह में इसे पूरी तरह से शुरू कर दिया जाएगा।
जब इस बारे में रिलायंस के एक प्रवक्ता से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि रिफाइनरी पूर्व में घोषित समय-सीमा के अंदर शुरू हो जाएगी।
आरपीएल की रिफाइनरी निर्यात-आधारित है और इसकी क्षमता प्रति दिन 580,000 बैरल कच्चे तेल की होगी। यह जामनगर में 900,000 टन सालाना क्षमता वाला एक पोलीप्रॉपीलेन संयंत्र भी बना रही है।
यह रिफाइनरी परियोजना 27,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही है और इसके लिए कोष की व्यवस्था इक्विटी और ऋण दोनों के जरिये की जा रही है।
रिलायंस की जामनगर इकाइयों के शुरू हो जाने के बाद यह एक ही स्थान पर तैयार होने वाली विश्व की सबसे बड़ी रिफाइनिंग इकाई होगी। पूरा रिफाइनरी परिसर 12.4 लाख बैरल प्रति दिन की क्षमता से लैस होगा।
फिलहाल मौजूदा इकाई की उत्पादन क्षमता 66 हजार बैरल प्रति दिन की है। आरपीएल की रिफाइनरी परियोजना को दिसंबर 2005 में मंजूरी मिली थी। यह परियोजना मूल्यवर्धित उत्पादों के उत्पादन के अलावा भारी एवं हलके कच्चे तेल के संवर्द्धन में सक्षम होगी।
नेलसन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स 14 के साथ यह रिफाइनरी विश्व में सबसे जटिल रिफाइनरियों में से एक होगी। विश्व की तेजी से बढ़ रही तेल की मांग में इस रिफाइनरी का योगदान 60-70 फीसदी होने की संभावना है। रिफाइनरी निर्यात के लिए एशियाई बाजारों पर ध्यान केंद्रित करेगी।