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मंदी के बीच सेहत सुधार रहे हैं र्पीई फंड

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Last Updated- December 08, 2022 | 5:42 AM IST

वैश्विक वित्तीय मंदी और शेयर बाजारों में संकट को देखते हुए निजी इक्विटी (पीई) फंड फर्म भारतीय हेल्थकेयर क्षेत्र में अपना निवेश बढ़ा रही हैं।
 
फीडबैक वेंचर्स प्राइवेट की ओर से कराए गए एक अध्ययन में बताया गया है कि आईसीआईसीआई वेंचर्स, आईएफसी ऐशमोर और ऐपैक्स पार्टनर्स जैसी पीई फंड फर्मों ने मौजूदा वित्त वर्ष के पहले 6 महीनों में लगभग 2,250 करोड़ रुपये निवेश किए हैं, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले तीन गुना अधिक है।

पीई फंडों ने पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में लगभग 625 करोड़ रुपये निवेश किए थे। इस अध्ययन में बताया गया है कि अधिक निवेश के अलावा हेल्थकेयर क्षेत्र में एक औसत करार की राशि पिछले साल 50 करोड़ रुपये से दोगुनी होकर 100 करोड़ रुपये हो गई है।

फीडबैक वेंचर्स की बुनियादी ढांचा सलाहकार विभाग की अध्यक्ष मोनिका सूद का कहना है कि हेल्थकेयर क्षेत्र में अधिक निवेश होना इस बात का संकेत है कि इस क्षेत्र पर मंदी का कोई असर नहीं पड़ रहा। मांग आपूर्ति में अंतर और लुभाने वित्तीय रिटर्न कमाने की संभावनाओं ने हेल्थकेयर क्षेत्र की ओर पीई फंडों का ध्यान खींचा है।

वॉकहार्ट हॉस्पिटल्स के चेयरमैन हबील खोराकीवाला मानते हैं कि हेल्थकेयर क्षेत्र पर मंदी का असर नहीं पड़ रहा। उनकी अस्पताल शृंखला के कारोबार अपने समूह के अस्पतालों की बिस्तरों की संख्या 4,000 करने के लिए 1,000 करोड़ रुपये निवेश कर रहा है।

मौजूदा समय में वॉकहार्ट के 15 अस्पताल हैं, जिनमें बिस्तरों की कुल संख्या 1,500 है। वॉकहार्ड अपनी विस्तार योजनाओं पर पैसा लगाने के लिए कुछ पीई फंड फर्मों से बातचीत कर रहा है।

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First Published - November 26, 2008 | 10:25 PM IST

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