सवाल-जवाब
देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने अपने अगले पड़ाव के लिए 50 अरब डॉलर की कंपनी बनने का लक्ष्य रखा है। कंपनी के मुख्य परिचालन अधिकारी एन गणपति सुब्रमण्यन ने शिवानी शिंदे से बातचीत में कंपनी की योजनाओं और चुनौतियों सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। पेश हैं मुख्य अंश:
आपकी वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि 50 अरब डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचना संभव है। अगले पांच वर्षों में टीसीए को आप कहां देखना चाहते हैं?
टीसीएस के पास 6,00,000 से अधिक लोग हैं और हमारा कारोबार फिलहाल 25 अरब डॉलर का है। लेकिन हम नहीं चाहते हैं कि 50 अरब डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचते समह हमारे पास 1.2 अरब लोग हों। हम कम लोगों के साथ 50 अरब डॉलर के पड़ाव तक पहुंचना चाहते हैं। दूसरा, इस सफर में जाहिर तौर पर हमारा ग्राहक आधार बढ़ेगा लेकिन तक हम इस परिवेश में किस प्रकार काम करेंगे? हम केवल अपने ग्राहकों के साथ काम नहीं करते हैं बल्कि हम ग्राहकों के परिवेश में काम करते हैं। यदि आप उस परिवेश का हिस्सा हैं तो एक ग्राहक अन्य ग्राहकों के लिए भी प्रासंगिक हो तो क्या होगा। ऐसे में हमें एक ऐसी प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता होगी जो रियल-टाइम सूचना उपलब्ध कराए। भविष्य के समाधान इसी प्रकार के होंगे। तीसरी इच्छा टीसीएस को मेटावर्स में देखने की है। फिलहाल मेटावर्स एक हाइप स्केल है। यदि वह सफल रहा तो मैं टीसीएस को भी वहां देखना चाहूंगा। हम कोई उपभोक्ता कारोबार में नहीं हैं। हमारा कारोबार केवल बी2बी है और हो सकता है कि आगे हम बी2सी में भी दस्तक दें लेकिन अभी हमें कुछ भी नहीं पता है।
वित्तीय सेवा क्षेत्र पूरे उद्योग और टीसीएस के लिए भी महत्त्वपूर्ण रहा है। टीसीएस के लिए बीएफएसआई श्रेणी की क्या स्थिति है?
बीएफएसआई तकनीकी को स्वीकार करने वाले शुरुआती क्षेत्र रहा है जो अन्य क्षेत्रों के मुकाबले हमेशा तकनीकी के लिए आगे रहा है। इसलिए बीएफएसआई में बड़ी तादाद में तकनीकी प्रतिभाओं और तकनीकी संसाधनों की भी खपत होती है क्योंकि उनके अधिकतर उत्पाद काफी हद तक प्रौद्योगिकी से संचालित हैं। दूसरा, वे संभवत: दूसरे उद्योग के साथ एकीकृत हैं क्योंकि वित्त संबंधी जरूरतें सभी को होती हैं। बैंकिंग के लगभग हरेक पहलू बदलाव से गुजर रहा है और उसके लिए प्रौद्योगिकी की जरूरत है। बैंकिंग क्षेत्र में इस प्रकार के बदलावकारी समाधानों की मांग सर्वकालिक ऊंचाई पर है। हम राजस्व और प्रयास दोनों मोर्चे पर तकनीकी सेवाएं प्रदान करने वाली सबसे बड़ी कंपनी हैं। हमने बीएफएसआई क्षेत्र के लिए तमाम उत्पाद और प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं। हमारा कोर बैंकिंग समाधान अग्रणी है। दुनिया की लगभग 30 से 35 फीसदी आबादी हमारे उत्पादों का उपयोग करते हैं। इसी प्रकार बीमा में भी हमने काफी ठोस प्लेटफॉर्म तैयार किया है ।
कई ब्रोकरेज ने कहा है कि आईटी क्षेत्र के लिए पीक अब खत्म हो चुका है और वित्त वर्ष 2023 में दबाव दिखेगा। इसकी झलक शेयरों के प्रदर्शन में भी दिख रही है। इस संबंध में ग्राहक क्या कह रहे हैं?
ग्राहकों के साथ हुई बातचीत में फिलहाल मुझे कुछ भी असामान्य नहीं दिखा है। मुझे कोई जबरदस्त तेजी अथवा गलत दिशा की ओर जाने का कोई संकेत भी नहीं मिला है। पिछले एक दशक से हम अनिश्चितता के दौर से जूझ रहे हैं। हमने देखा है कि कंपनियों ने ऐसे समय में बदलाव का फायदा उठाया है।
इन दिनों कुछ ही मेगा सौदे दिख रहे हैं। इससे टीसीएस जैसी कंपनी कहां तक प्रभावित होगी?
वित्त वर्ष 2022 में हमारा कुल अनुबंध मूल्य 11.3 अरब डॉलर था। हमारा तिमाही रन रेट 8 से 9 अरब डॉलर था। करीब एक साल पहले यह आंकड़ा 6 से 7 अरब डॉलर था। मेगा सौदे साल में एक या दो बार और यदि आप भाग्यशाली रहे तो तीन बार होते हैं।