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चिंताओं से प्रभावित हो सकती है रिलायंस की बाजार भागीदारी

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Last Updated- December 12, 2022 | 6:46 AM IST

भारत के अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी द्वारा संचालित रिलायंस रिटेल के सुपरबाजारों को फूड एवं होम क्लीनिंग ब्रांडों के नाम से भी जाना जाता है और अब नेस्ले, यूनिलीवर और कोका-कोला जैसे वैश्विक लेबलों के साथ साथ अब ये ब्रांड भी ग्राहकों को आकर्षित करने में सफल हो रहे हैं।
स्नैक टेक नूडल्स और यीह कोलाज जैसे उत्पाद रिलायंस के प्राइवेट लेबल ब्रांड हैं और अरबपति मुकेश अंबानी के गुप्त हथियार नहीं हैं, क्योंकि वे पहले से ही 608 अरब डॉलर के किराना बाजार पर दबदबा बढ़ाने की कोशिश में लगे हुए हैं। फॉरेस्टर रिसर्च के अनुसार, इस बाजार के 2024 तक 20 प्रतिशत से ज्यादा की दर से बढऩे का अनुमान है। ये रिलायंस के स्वयं के बढ़ते स्टोर नेटवर्क में शहरी खरीदारों के लिए न सिर्फ सस्ते और आकर्षक विकल्प हैं, बल्कि ये उन ब्रांडों पर अंबानी का मुख्य दांव भी हैं जो जरूरी हैं, जिनमें किराना के पारंपरिक स्टोर भी शामिल हैं जो दुनिया की इस दूसरे सर्वाधिक आबादी वाले देश में रिटेल बाजार की करीब 80 प्रतिशत जरूरत पूरी करते हैं।
कंपनी की रणनीति से वाकिफ उद्योग के एक अधिकारी ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी रिटेल रिलायंस ने निजी लेबलों पर जोर दिया है। अधिकारी ने नाम नहीं छापने के अनुरोध के साथ कहा कि रिलायंस ने अपने सुपरबाजारों और किराना स्टोरों के जरिये अपने निजी लेबलों को लगातार प्रोत्साहित करने की योजना बनाई है, भले ही वे नॉन-फूड सेगमेंट में हों। अधिकारी ने कहा, ‘यह मूल्यवान और ज्यादा मार्जिन वाला दांव है।’ कम दर पर समान गुणवत्ता के ब्रांड पेश करने की कंपनी की कोशिश कारगर साबित हो रही है।  दबाव पहले ही बढ़ चुका है और बिगबास्केट एवं ई-कॉमर्स दिग्गज एमेजॉन जैसी ऑनलाइन किराना कंपनियां अपने निजी ब्रांड पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही हैं।

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First Published - March 22, 2021 | 11:25 PM IST

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