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मिस-सेलिंग पर RBI सख्त, Axis Max Life ने कहा- फैसला ग्राहकों के हित में

RBI के मिस-सेलिंग रोकने वाले प्रस्ताव को Axis Max Life ने सकारात्मक बताया, जबकि कंपनी ने मुनाफे, प्रोटेक्शन ग्रोथ और मर्जर पर भी महत्वपूर्ण अपडेट दिए।

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आतिरा वारियर   
सुब्रत पांडा   
Last Updated- February 16, 2026 | 9:24 AM IST

वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के ऐक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के तिमाही परिणामों के बाद कंपनी के एमडी और सीईओ सुमित मदान ने आतिरा वारियर और सुब्रत पांडा से भारतीय रिजर्व बैंक के मिस-सेलिंग पर प्रस्तावित दिशानिर्देशों और कंपनी व सेक्टर पर उनके संभावित प्रभाव, कंपनी की भविष्य की व्यावसायिक योजनाओं और मैक्स फाइनैंशियल सर्विसेज के साथ इसके रिवर्स मर्जर की स्थिति सहित विभिन्न मसलों पर बात की। संपादित अंश:

मिस सेलिंग को रोकने पर रिजर्व बैंक के मसौदे पर आपकी क्या राय है?

ग्राहकों के हिसाब से देखें तो यह अधिसूचना सकारात्मक नजर आती है।  अगर पहुंच और मिस सेलिंग की चिंता है, तो अधिसूचना सही दिशा में है। मैं इसे सकारात्मक रूप से देखता हूं। क्रेडिट लाइफ पर विपरीत असर पड़ने को लेकर चर्चा हो रही है। ऐक्सिस मैक्स लाइफ के कारोबार में क्रेडिट लाइफ की हिस्सेदारी करीब 1 प्रतिशत या इससे भी कम है।  इस हिसाब से मैं कंपनी पर इसका कोई असर नहीं देख रहा हूं।

क्रेडिट लाइफ सेगमेंट पर पड़ने वाले असर के बारे में काफी चर्चा हुई है…

अधिसूचना का इरादा यह है कि अगर कोई आदमी कर्ज लेने आया है तो जबरिया उसे क्रेडिट लाइफ उत्पाद न बेचा जाए। हम जिन बैंकों के साथ काम करते हैं, उनमें एक विस्तृत प्रक्रिया है। इसमें रुचि को लेकर विश्लेषण किया जाता है और ग्राहक से अलग से सहमति ली जाती है। हालांकि विनियमन कुछ हद तक सामान्य प्रकृति का है, लेकिन अधिकांश बैंकों ने पहले ही आवश्यक परिवर्तन लागू कर दिए हैं। इसके अलावा क्रेडिट लाइफ के क्षेत्र में हमारी हिस्सेदारी कम है।  इस क्षेत्र में हमारी कुल बिक्री लगभग 1 प्रतिशत है।

इस तिमाही में आपका मुनाफा थोड़ा कम हुआ है। इसकी क्या वजह है?

मुनाफे में गिरावट की मुख्य वजह वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) घटने के बाद इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) को हटाने का प्रभाव है। दूसरी छमाही में हमने संकेत दिया था कि आईटीसी का प्रभाव लगभग 300-350 आधार अंक होगा। इन 300 आधार अंक में से हमने अब तक लगभग 100 आधार अंक रिकवर कर लिए हैं। वितरकों के साथ चर्चा अंतिम चरण में है। हमने लागत घटाने पर भी आक्रामक रूप से काम किया है, जिसका परिणाम अब नजर आ रहा है। इन कदमों से हम मौजूदा स्तर पर मुनाफा रखने में कामयाब रहे हैं।

आपका यूलिप कारोबार 9 महीने के आधार पर कम हुआ है, जबकि प्रतिस्पर्धियों का बढ़ा है। क्या यह सोची समझी रणनीति थी?

इसे पूरी तरह से सोची समझी रणनीति नहीं कह सकते, लेकिन हमने आवश्यकता पर आधारित विश्लेषण किया है। इसकी वजह से सभी क्षेत्रों में हमारी पॉलिसियों में टिकाऊ बदलाव आया है। जीएसटी-2 का लाभ ग्राहकों को दिया गया, जिससे प्रोटेक्शन सेल्स बढ़ाने में मदद मिली। शुरुआत में हमारा मानना था कि इससे मांग घटेगी, लेकिन वृद्धि बनी रही। प्रोटेक्शन में हमने 99 प्रतिशत वृद्धि देखी है। चौथी तिमाही का हमारा पूरा अभियान प्रोटेक्शन पर केंद्रित था।

ऐक्सिस मैक्स लाइफ और मैक्स फाइनैंशियल के विलय की अभी क्या स्थिति है?

सबका बीमा सबकी सुरक्षा के तहत परिवर्तनों के बाद हमें बोर्ड की मंजूरी मिल गई है और हमने आवश्यक कदम उठाए हैं। प्रक्रिया अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है। संशोधित संरचना स्पष्ट और सरल है, जो इसमें शामिल कंपनियों के लिए अधिक स्पष्टता प्रदान करती है।

इस साल की समाप्ति पर मार्जिन और वृद्धि को लेकर आपका क्या अनुमान है?

मार्जिन मौजूदा स्तर पर बना रहेगा, जिसमें कुछ बढ़ोतरी हो सकती है। जीएसटी का ज्यादातर असर अब हो चुका है, हालांकि चौथी तिमाही में भी कुछ असर जारी रह सकता है। जनवरी में भी प्रोटेक्शन की वृद्धि मजबूत बनी हुई है। जीएसटी में कमी का प्रोटेक्शन पॉलिसियों की मांग पर असर को लेकर उद्योग सकारात्मक रूप से आश्चर्यचकित है और हमारा ध्यान इस गति को और मजबूत करने पर है।

First Published : February 16, 2026 | 9:24 AM IST