सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज में नए सीईओ की नियुक्ति के बाद पहला दिन ही गहमागहमी भरा रहा। कंपनी को 600 करोड़ रुपये की रकम जुटाने के लिए बैंकों के पास जमीन गिरवी रखनी पड़ी, लेकिन सरकार की ओर से अच्छी खबर भी मिली।
नैस्कॉम के पूर्व अध्यक्ष किरण कार्णिक को सरकार ने बोर्ड का चेयरमैन बना दिया। कंपनी मामलों के मंत्री प्रेमचंद गुप्ता ने बताया कि कार्णिक को सत्यम के बोर्ड की कमान सौंप दी गई है। वह नवनियुक्त बोर्ड में पहले से ही शामिल हैं।
ए एस मूर्ति द्वारा सत्यम के शेयर बेचे जाने के मसले पर उन्होंने कहा कि यह कोई गुनाह नहीं है और सरकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। इस बीच सूत्रों ने बताया कि सत्यम ने आईडीबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा और एलआईसी से 600 करोड़ रुपये का अल्पावधि ऋण लेने के लिए जमीन गिरवी रखी है।
अभी कुछ औपचारिकताएं पूरी होनी हैं, जिनके बाद ऋण दे दिया जाएगा। इस ऋण में 200 से 300 करोड़ रुपये आईडीबीआई देगा और बाकी राशि दोनों संस्थाएं देंगी। माना जा रहा है कि गिरवी रखी जमीन हैदराबाद में है और उसकी कीमत 1,500 से 1,700 करोड़ रुपये है।
अधिग्रहण की दौड़ से आईगेट बाहर
संकट में फंसी सत्यम कंप्यूटर को नया सीईओ मिलने के ठीक एक दिन बाद अमेरिकी कंपनी आईगेट ने सत्यम के अधिग्रहण की दौड़ से खुद को अलग करने की घोषणा की है।
आईगेट की ओर से कहा गया कि सत्यम की देनदारियों की स्थिति साफ नहीं है। यही वजह है कि कंपनी ने सत्यम खरीदने का इरादा त्याग दिया है। आईगेट के सीईओ फणीश मूर्ति ने यह बताया।