रेलवे से जुड़ी मोबिलिटी सॉल्यूशन कंपनी जुपिटर वैगन्स लिमिटेड (Jupiter Wagons Ltd.) को वंदे भारत ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए बड़ा ऑर्डर मिला है। गौर करने वाली बात है कि कंपनी बीएसई-500 का हिस्सा है और इसका मार्केट कैप करीब 14,579 करोड़ रुपये है। कंपनी की सब्सिडियरी जुपिटर तात्रावगोंका रेलव्हील फैक्ट्री प्राइवेट लिमिटेड (JTRFPL) को 19 अगस्त 2025 को Letter of Intent (LoI) मिला। इस ऑर्डर के तहत कंपनी को कुल 5,376 व्हीलसेट (2,688 मोटर और 2,688 ट्रेलर व्हीलसेट) सप्लाई करने हैं। इस ऑर्डर की कुल वैल्यू करीब 215 करोड़ रुपये है।
कंपनी ने कहा कि यह ऑर्डर दिखाता है कि भारत के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को मजबूत करने में उनकी भूमिका लगातार बढ़ रही है। यह सरकार के वंदे भारत ट्रेनों के विस्तार के प्रयासों से भी जुड़ा है। कंपनी के मुताबिक, “ये नए और आधुनिक व्हीलसेट वंदे भारत ट्रेनों की सुरक्षा, तेज़ी और लंबे समय तक चलने की क्षमता के लिए बहुत ज़रूरी होंगे।”
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कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि वह ओडिशा में एक नई प्रोडक्शन फैक्ट्री बना रही है। इससे क्षमता मौजूदा 20,000 फोर्ज्ड व्हील्स और एक्सल से बढ़कर 1,00,000 फोर्ज्ड व्हीलसेट प्रति वर्ष हो जाएगी। यह विस्तार लगभग 2,500 करोड़ रुपये के निवेश से किया जा रहा है और 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।
गुरुवार को कंपनी का शेयर बीएसई पर करीब 4.1% (13.60 रुपये) चढ़कर 343.45 रुपये पर बंद हुआ।
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जुपिटर वैगन्स एक कंपनी है जो रेल और ट्रांसपोर्ट से जुड़ी कई चीज़ें बनाती है। इसमें माल ढोने वाले वैगन, इंजन, कमर्शियल गाड़ियां, मरीन कंटेनर और रेल के पुर्जे जैसे कपलर, बोगी, ब्रेक, पहिए और एक्सल शामिल हैं। कंपनी के कारखाने कोलकाता, जमशेदपुर, इंदौर, जबलपुर और औरंगाबाद में हैं। इनके पास अपनी धातु ढलाई (फाउंड्री) की सुविधा भी है, जिससे जरूरी पुर्जे खुद बनाए जाते हैं।