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Tata Sons AGM: नोएल टाटा को निदेशक बनाने के प्रस्ताव को मिली शेयरधारकों की मंजूरी

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Tata Sons की 107वीं AGM में नोएल टाटा सहित 4 निदेशकों की नियुक्ति को शेयरधारकों ने बहुमत से मंजूरी दी, वहीं ₹64,900 प्रति सामान्य शेयर के लाभांश को भी मंजूरी दी। 

Last Updated- August 14, 2025 | 6:06 PM IST
Noel will attend the board meeting of Tata Sons! Possible discussion on listing and strategic decisions टाटा संस की बोर्ड बैठक में शामिल होंगे नोएल! लिस्टिंग और रणनीतिक फैसलों पर चर्चा संभावित

टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी Tata Sons Pvt Ltd की 107वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) गुरुवार को आयोजित हुई, जिसमें नोएल टाटा सहित चार निदेशकों की नियुक्ति को शेयरधारकों ने भारी बहुमत से मंजूरी दे दी। बैठक केवल 30 मिनट में संपन्न हो गई, जिसमें चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने ऑनलाइन माध्यम से शेयरधारकों को संबोधित किया।

नोएल टाटा, जो अक्टूबर 2024 से Tata Trusts के चेयरपर्सन हैं, को ट्रस्ट्स द्वारा नामित कर पिछले साल Tata Sons के बोर्ड में अतिरिक्त निदेशक के रूप में शामिल किया गया था। AGM में उनकी नियुक्ति को औपचारिक मंजूरी दी गई। इसके अलावा, वेंणु श्रीनिवासन और सौरभ अग्रवाल की पुनर्नियुक्ति तथा अनिता मरंगोली जॉर्ज की स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्ति भी स्वीकृत की गई।

शेयरधारकों ने बोर्ड द्वारा सुझाए गए ₹64,900 प्रति सामान्य शेयर के लाभांश को भी मंजूरी दी, जो पिछले साल के ₹35,000 के मुकाबले काफी अधिक है। इस लाभांश का कुल भुगतान ₹2,622.91 करोड़ होगा, जिसमें से टाटा ट्रस्ट्स को, जो Tata Sons में 66% हिस्सेदारी रखते हैं, ₹1,731 करोड़ मिलेंगे — जिसका उपयोग उनकी फिलान्थ्रॉपिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा। FY25 में Tata Sons का राजस्व घटकर ₹38,834.58 करोड़ रहा, जबकि FY24 में यह ₹43,893 करोड़ था, जिसमें एकबारगी ₹9,375.66 करोड़ के निवेश बिक्री लाभ भी शामिल थे।

  • व्यय घटकर ₹1,945.64 करोड़ रहा (FY24 में ₹2,776.49 करोड़)
  • कर पूर्व लाभ (PBT) ₹35,440.76 करोड़
  • कर पश्चात लाभ (PAT) ₹26,231.74 करोड़ (FY24 में ₹34,653.98 करोड़)

सबसे अहम बात, कंपनी ने वर्ष के दौरान सभी कर्ज चुका दिए और मार्च 2025 के अंत तक ₹7,117.43 करोड़ का शुद्ध नकद भंडार रखा, जो पिछले साल ₹2,679.19 करोड़ था। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने Tata Sons को NBFC–Upper Layer श्रेणी में वर्गीकृत किया था और सितंबर 2025 तक लिस्टिंग के निर्देश दिए थे। हालांकि, Tata Sons ने अपने सारे कर्ज चुका कर अब RBI से अनुरोध किया है कि उसे NBFC–Upper Layer की श्रेणी से बाहर किया जाए ताकि वह गैर-सूचीबद्ध (private) कंपनी बनी रह सके। यह आवेदन अभी RBI के पास विचाराधीन है।

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बैठक ऐसे समय में हुई जब Tata Sons और इसके 18.4% हिस्सेदार शापूरजी पालोनजी ग्रुप के बीच हिस्सेदारी बिक्री को लेकर शांति वार्ता चल रही है। हालांकि, अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार, निदेशक अजय पिरामल और राल्फ स्पेथ के अगले महीने से पहले सेवानिवृत्त होने के साथ ही बोर्ड में दो नए निदेशकों की नियुक्ति जल्द की जाएगी।

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First Published - August 14, 2025 | 6:06 PM IST

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