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मैगी की बादशाहत पर खतरा बने निजी लेबल

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Last Updated- December 10, 2022 | 1:26 AM IST

नैस्ले का ‘मैगी’ ब्रांड आज इंस्टैंट नूडल्स का दूसरा नाम बन चुका है। इसने लंबे समय तक इंस्टैंट नूडल्स के बाजार पर अपना कब्जा जमाए रखा है।
लेकिन आज इस बाजार में आधा दर्जन नए ब्रांड आ चुके हैं, जो उपभोक्ताओं को लुभाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। इनमें से ज्यादातर रिटेल चेनों के अपने ब्रांड हैं। फूड बाजार, रिलायंस, मोर और विशाल तो इस कैटेगरी में पहले ही कूद चुकी हैं।
इन्होंने अपने-अपने उत्पादों को अलग-अलग नाम भी दिए हैं। मिसाल के तौर पर फ्यूचर ग्रुप टेस्टी ट्रीट, डिजनी, चिंग्स, स्मिथ ऐंड जोन्स के नाम से अपने इंस्टैंड नूडल्स को बेच रही है। दूसरी तरफ, रिलायंस रिटेल, ‘रिलायंस सेलेक्ट’ ब्रांड के जरिये अपने स्टोरों से हो रही मैगी की बिक्री को चुनौती दे रही है।
इसका विकास मुख्य रूप से प्रतिस्पध्र्दात्मक कीमतों, अलग-अलग पैकेटों में उपलब्धता और स्टॉक में मौजूद माल पर निर्भर करेगा। साथ ही, इसमें सबसे अहम हिस्सा स्वाद का भी होगा। रिटेलर अपने उत्पादों को बाजार में मौजूद ब्रांड से अच्छा बताकर बेच रहे हैं।
ज्यादातर एफएमसीजी कंपनियों के उत्पादों के मुकाबले रिटेलरों के उत्पाद करीब पांच फीसदी सस्ते हैं। 

फूड बाजार के मुख्य कार्यकारी सदाशिव नाइक का कहना है कि, ‘इंस्टैंट नूडल्स एक ऐसी कैटेगरी है, जिसका इस्तेमाल स्नैक्स के तौर पर किया जाता है। अभी बाजार में इस कैटेगरी में सिर्फ एक ही बड़ा खिलाड़ी है। इसी वजह से हमें लोगों के घर तक पहुंचने का एक और रास्ता मिल गया है।’
कंपनी का डिजनी, चिंग्स, स्मिथ ऐंड जोन्स के साथ खुदरा कारोबार का समझौता है। साथ ही, उसने टेस्टी ट्रीट के नाम से अपना ब्रांड भी बाजार में पेश कर रखा है। कंसल्टिंग फर्म टेक्नोपार्क का कहना है कि भारत में इंस्टैंट नूडल्स का बाजार करीब 800 करोड़ रुपये का है और 15 फीसदी की रफ्तार से बढ़ रहा है।
फर्म के उपाध्यक्ष पूणर्दु कुमार का कहना है कि, ‘अपनी जबरदस्त रणनीति और नई सोच को तेजी से अपनाने की वजह से इस कैटेगरी पर मैगी का पूरी तरह से कब्जा है। हालांकि, इस कैटेगरी में अब भी खिलाड़ियों की भारी कमी है। इसलिए इन प्राइवेट लेबलों की मदद से इस कैटेगरी का बाजार बढ़ेगा ही।’

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First Published - February 17, 2009 | 11:06 PM IST

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