वित्त वर्ष 2021 में प्रबंधन अधीन परिसंपत्तियों (एयूएम) में कमी दर्ज करने के बाद पीएनबी हाउसिंग फाइनैंस वित्त वर्ष 2022 में एयूएम में एक अंक की वृद्घि और ऋण वितरण में 15-16 प्रतिशत की तेजी की उम्मीद कर रही है।
कंपनी का जोर किफायती आवास खंड पर रहेगा। वित्त वर्ष 2021 की चौथी तिमाही में ऋण वितरण 50 प्रतिशत तक बढ़कर करीब 3,900 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। चौथी तिमाही के नतीजों की घोषणा के बाद कंपनी के अधिकारियों ने विश्लेषकों को दी जानकारी में कहा कि एयूएम वृद्घि चालू वित्त वर्ष में एक अंक में रहेगी और अगले साल यह दो अंक में पहुंच जाएगी। इस ऋणदाता की एयूएम 31 मार्च 2020 के 83,346 करोड़ रुपये से घटकर 31 मार्च 2021 तक 74,470 करोड़ रुपये रह गईं। इसके अलावा, ऋण बुक मार्च 2020 के 67,571 करोड़ रुपये से घटकर मार्च 2021 के अंत तक 62,256 करोड़ रुपये रह गई।
खुदरा ऋणों का योगदान एयूएम के 84 प्रतिशत पर और कॉरपोरेट ऋणों का 16 प्रतिशत रहा। सकल गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) मार्च 2021 में बढ़कर 4.44 प्रतिशत हो गईं, जो मार्च 2020 में 2.75 प्रतिशत थीं। शुद्घ एनपीए मार्च 2020 के 1.75 प्रतिशत से बढ़कर मार्च 2021 में 2.43 प्रतिशत पर दर्ज की गई। इस बीच, पीएनबी एचएफसी ने 242 करोड़ रुपये के शुद्घ नुकसान के विपरीत चौथी तिमाही में 127 करोड़ रुपये का शुद्घ लाभ दर्ज किया है।