फोनपे के संस्थापक और सीईओ समीर निगम और कंपनी के ज्यादातर कर्मचारी इस समय घर से काम कर रहे हैं। डिजिटल भुगतान फर्म कोविड-19 महामारी की चुनौतियों से निपटने में सक्षम रही है और इसे अवसर में तब्दील किया है। फोनपे ने हाल ही में 25 करोड़ उपभोक्ताओं के पंजीकरण का आंकड़ा पार किया है, जिनमें 10 करोड़ मासिक सक्रिय उपभोक्ता (एमएयू) हैं, जिन्होंंने अक्टूबर 2020 में 1 अरब डिजिटल लेन देन किया है। कंपनी ने दिसंबर 2022 तक पंजीकृत उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ाकर 50 करोड़ करने का लक्ष्य रखा है। निगम ने एक साक्षात्कार में कहा, ‘कोविड के दौरान डिजिटल भुगतान तेजी से बढ़ा है और इस दौरान हमारा कारोबार बढ़ा है।’
बेंगलूरु की फर्म लंबे समय से धन जुटाने की कवायद कर रही थी। बहरहाल सूत्रों का कहना है कि कंपनी ने 70 करोड़ डॉलर प्राथमिक पूंजी जुटाने के लिए वालमार्ट की टाइगर ग्लोबल सहित मौजूदा निवेशकों के साथ सौदा किया है। फर्म का एक मकसद वित्तीय सेवाओं में अपनी पकड़ मजबूत करना है। निगम ने कहा, ‘अगले साल हमने बड़े पैमाने पर वित्तीय सेवा बाजार में पहल करने की योजना बनाई है।’ हालांकि फोनपे के कारोबार में डिजिटल भुगतान सबसे अहम बना रहेगा। नए वित्तपोषण का इस्तेमाल अपने प्रतिस्पर्धियों गूगल पे, एमेजॉन पे और अलीबाबा समर्थित पेटीएम से मुकाबले में करेेगी, जो वित्तीय सेवाओं में सक्रिय हैं। निगम का कहना है कि कंपनी की लाखों उपभोक्ताओं तक पहुंच उसे अन्य प्रतिस्पर्धियों से अलग करती है और वह ग्रामीण इलाकों में अपने वित्तीय उत्पादों व सेवाओं को पहुंचाने में सक्षम है। अगले साल तक फर्म हर तालुके में अपनी पहुंच बढ़ा लेगी। निगम ने कहा कि तमाम प्रतिस्पर्धी गांवों में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं क्योंकि उन्हें निवेश पर मुनाफे को लेकर भरोसा नहीं है, लेकिन फोनपे का यह अपना बाजार है।