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तीसरी तिमाही: दमदार रह सकता है आईटी कंपनियों का प्रदर्शन

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Last Updated- December 12, 2022 | 10:01 AM IST

भारतीय सूचना-प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र की कंपनियों का दिसंबर तिमाही में प्रदर्शन दमदार रह सकता है। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही आम तौर पर कारोबार के लिहाज से सुस्त मानी जाती है, लेकिन इससे देसी आईटी उद्योग पर कोई खास असर नहीं हुआ है। विश्लेषकों का यहां तक कहना है कि इस खंड की शीर्ष कंपनियों का प्रदर्शन वित्त वर्ष 2021-22 में भी मजबूत रह सकता है।  
विश्लेषकों के अनुसार नए सौदे लगातार मिलने, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में बड़े सौदे हासिल करने में मिली सफलता और विदेशी मुद्रा से जुड़े लाभों की बदौलत दिसंबर तिमाही में इन कंपनियों को खासी मदद मिली होगी। सीएलएसए ने हाल में अपनी एक रिपोर्ट में कहा है, ‘हमारा अनुमान है कि शीर्ष पांच आईटी कंपनियों का अमेरिकी डॉलर में राजस्व 2.5 से 3.5 प्रतिशत तक इजाफा हो सकता है। दुनिया की बड़ी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर में आई कमजोरी से 10-40 आधार अंक का लाभ मिल सकता है।’
आम तौर पर तीसरी तिमाही में अन्य तिमाहियों के मुकाबले काम होते हैं इसलिए आईटी कारोबार थोड़ा सुस्त रहता है। हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि कोविड-19 महामारी की वजह से इस वर्ष ऐसा नहीं हुआ और आईटी कंपनियां तकनीक की बदौलत कारोबार अधिक से अधिक बढऩे में सफल रहीं।
सीएलएसए के विश्लेषकों ने कहा, ‘हमने जितनी कंपनियों पर के प्रदर्शन का आकलन किया है उनमें चार को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 10 करोड़ डॉलर से अधिक मूल्य के कम से कम 5 सौदे मिले। इनमें इन्फोसिस का मिले 3.2 अरब डॉलर मूल्य का डेमलर सौदा भी हासिल है।’ विश्लेषकों ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में आईटी कंपनियां अच्छे कारोबारी सौदे हासिल करने में सफल रही हैं और इस बात के पुख्ता संकेत मिले हैं कि जीव-विज्ञान, दूरसंचार, खुदरा एवं वित्त सेवा खंडों में वे ग्राहकों से लगातार संपर्क में रही हैं। यह कारोबार से जुड़ी व्यस्तता का संकेत है। वेतन में संशोधन एवं और बड़े सौदे की तरफ बढऩे में हुए खर्चों की वजह से मुनाफे पर थोड़ा असर जरूर हो सकता है। हालांकि विश्लेषकों के अनुसार यात्रा पर खर्च कम रहने, मुद्रा-विनिमय से हुए लाभ आदि से मुनाफे पर प्रभाव सीमित रह सकता है। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टैंसी सर्विसेस (टीसीएस) ने अपने नतीजे घोषित भी कर दिए हैं। तीसरी तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 7 प्रतिशत तक बढ़ा है। कंपनी के राजस्व में सालाना आधार पर 5 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। कोविड-19 महामारी के दौरान टीसीएस को इसकी क्लाउड सेवंाओं से खासा फायदा पहुंचा है। कंपनी को पूर्व में हुए सौदों ने भी खासा लाभ पहुंचाया।
विश्लेषकों का कहना है कि इन्फ ोसिस के राजस्व में आलोच्य तिमाही में तिमाही आधार पर करीब 3 प्रतिशत का इजाफा हो सकता है।
उनके अनुसार वैंगार्ड सौदा और ब्लूएकॉर्न, कलाइडोस्कोप और गाइडविजन के अधिग्रहण से इन्फोसिस को मजबूत आंकड़े दर्ज करने में मदद मिल सकती है। मॉर्गन स्टैनली के अनुसार इन्फोसिस वित्त वर्ष 2021 के लिए अपना राजस्व अनुमान बढ़ाकर 2.5 प्रतिशत से 3.5 प्रतिशत तक कर सकती है। पहले कंपनी ने राजस्व में 2 से 3 प्रतिशत बढ़ोतरी की बात कही थी। हालांकि विश्लेषकों के अनुसार मुनाफे में वृद्धि की दर थोड़ी कमजोर रह सकती है। बकौल विश्लेषक राजस्व में बढ़ोतरी एवं मुदा-विनिमय का फायदा जरूर मिलेगा लेकिन बड़े सौदों पर आई लागत की वजह से मुनाफा वृद्धि दर उतनी अधिक नहीं रहेगी।
जहां तक विप्रो की बात है तो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के मुकाबले इसका राजस्व 3 गुना तक बढ़ सकता है। पिछली तिमाहियों में ई ऑन, मरेली और जॉन लेविस आदि सौदों की इसमें अहम भूमिका हो सकती है। ब्रोकरेज कंपनी एमके ग्लोबल ने कहा, ‘हमें लगता है कि कर्मचारियों को प्रोन्नति एवं उनके वेतन में बढ़ोतरी पर आए खर्च की वजह से व्रिपो की कर एवं ब्याज आदि पूर्व आय क्रमागत आधार पर 30 आधार अंक कम होकर 19 प्रतिशत रह सकती है।’ इस ब्रोकरेज कंपनी के अनुसार चौथी तिमाही के लिए अनुमान, प्रमुख खंडों मांग की स्थिति, सौदा हासिल करने की रफ्तार आदि पर सबकी नजरें होंगी।
सौदे की निरंतरता बरकरार रहने और वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार के साथ ही आईटी पर व्यय बढऩे के मद्देनजर विश्लेषकों ने वित्त वर्ष 2022 के लिए अपना अनुमान बढ़ा दिया है।
पिछले 12 महीनों के दौरान आईटी कंपनियों के शेयरों का प्रदर्शन अच्छा रहा है। इस दौरान निफ्टी आईटी सूचकांक में 60 प्रतिशत तक तेजी दर्ज हुई है, वहीं निफ्टी 50 सूचकांक महज 17.4 प्रतिशत तेजी हासिल कर पाया है। एचएचबीसी सिक्योरिटीज में शोध प्रमुख (भारत) योगेश अग्रवाल ने कहा, ‘इसमें कोई दो राय नहीं कि मूल्यांकन पिछले एक दशक के लगभग सर्वोच्च स्तर पर है, लेकिन अच्छे कारोबार की उम्मीद और नकदी आने की रफ्तार तेज रहने से मौजूदा स्तर जायज लग रहा है।’ इसके मद्देनजर अग्रवाल ने बड़ी आईटी शेयरों के लिए प्रति शेयर आय का अनुमान संशोधित वित्त वर्ष 2022 के लिए 0.4 से 1.2 प्रतिशत के दायरे में कर दिया है। 

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First Published - January 11, 2021 | 12:07 AM IST

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