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पेगाट्रॉन भी बनाएगी ऐपल iPhone 14

Last Updated- December 11, 2022 | 2:35 PM IST

ताइवान की प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक कंपनी पेगाट्रॉन भी ऐपल फोन की मैन्युफैक्चरिंग करेगी। इसने अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट चेन्नई के महिंद्रा वर्ल्ड सिटी में स्थापित किया है। इस प्रकार  पेगाट्रॉन भारत में ऐपल की तीसरी वेंडर/साझेदार बन गई है जो आईफोन बनाएगी। कंपनी इस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को बनाने में लगभग 1100 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जिससे लगभग 14,000 जॉब क्रिएट होंगे।
 इसके पहले फॉक्सकॉन और विस्ट्रान ने देश में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की थी। भारत में 2025 तक ऐपल की  कम से कम एक चौथाई मैन्युफैक्चरिंग सेवाएं स्थापित करने की योजना है। उसी लक्ष्य के तहत इन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना हो रही है। पिछले साल फरवरी में ही पेगाट्रॉन  ने तमिलनाडु सरकार के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) साइन किया था।

 तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के कहा कि पेगाट्रॉन  के द्वारा MOU साइन करने के डेढ़ साल के भीतर ही मैन्युफैक्चरिंग शुरू करना तमिलनाडु सरकार की इन्वेस्टर फ्रेंडली नीति को दिखाता है।  चीन नए-नए मॉडल के मोबाइल बनाने का हब है। हम इसे बदलना चाहते है और तमिलनाडु को मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का ऐसा हब बनाना चाहते है। पेगाट्रॉन  ने केंद्र सरकार की उत्पादन  प्रोत्साहन योजना के लिए भी आवेदन कर रखा है। तमिलनाडु सरकार  की योजना होशुर, कोयंबटूर और, श्रीपेरंबदूर को इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग का हब बनाने की है।
तमिलनाडु की देश के इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में 20 फीसदी की हिस्सेदारी है। जिसमें सैमसंग, फॉक्सकॉन, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, और डेल की प्रमुख भागीदारी है।

 तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने कहा कि हम इस सप्लाई चेन को राज्य में और बढ़ाना चाहते है।  पारंपरिक उद्योगों से परे हम नवीन उद्योगों में रुचि दिखा रहे हैं। उद्योग 4.0 के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसमें राज्य के मैन्युफैक्चरिंग मैप को बदलने की ताकत है। हम इस पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम पिछले साल के मुकाबले  ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की रैंकिंग में 14वें स्थान से तीसरे स्थान पर आ गए हैं।

 स्टालिन ने अपनी राज्य की अर्थव्यवस्था को 1 लाख करोड़ डॉलर के लक्ष्य के रोडमैप को तैयार कर रही है। इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए राज्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को विशेष प्रोत्साहन दे रहा है। हर सेक्टर में हम अधिक रोजगार पैदा करने और विविधीकरण की पहल को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं। इसके पहले  ऐपल भारत में प्रमुख रूप से पुराने मॉडल के  फोन बना रही थी। Apple ने 2017 में पहली बार  iPhones की देश में असेंबली शुरू की थी।

 ऐपल 2025 तक भारत में 25 फीसदी मोबाइल हैंडसेट बनाना चाहती है। कंपनी का जोर चीन से अलग जगह मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने का है। कंपनी का  दुनिया में अलग-अलग जगह मैन्युफैक्चरिंग यूनिट बनाने की योजना है। ऐपल 2022 तक 5 फीसदी iPhone 14 की मैन्युफैक्चरिंग भारत में करना चाहती है।

First Published - September 30, 2022 | 6:11 PM IST

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