विमानन कंपनी तीन दरवाजों से यात्रियों को उतारकर विमान को उतरने के बाद दूसरी उड़ान के लिए तैयार करने में कम से कम पांच मिनट कम करना चाहती है
-कंपनी ने आज बांयी तरफ दो और दायीं तरफ के आगे के दरवाजे के यात्रियों को उतारने की परिपाटी शुरू कर दी
-अब तक विमानन कंपनियां दायीं तरफ के दरवाजों का इस्तेमाल आपात स्थिति में करती आई हैं
– यात्रियों के जल्दी उतरने से इंडिगो विमान को जल्द साफ कर पाएगी और इसे अब से ज्यादा जल्दी अगली उड़ान के लिए तैयार कर पाएगी
जब से वाणिज्यिक उड़ानें शुरू हुईं तब से अभी तक मुसाफिर विमान की बाईं ओर से ही चढ़ते-उतरते आए हैं। यह चलन इतना पक्का हो गया है कि अब लोग खुद ही बाईं ओर बढ़ जाते हैं। मगर देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इस परंपरा को बदलने चल दी है।
इंडिगो वक्त की पाबंदी को अपनी खूबी बताती है और उसे ही पुख्ता करने के लिए उने आज से तीन दरवाजों से मुसाफिरों को उतारना शुरू कर दिया है। बाईं ओर के दो दरवाजों के साथ अब मुसाफिर इंडिगो के दाईं ओर के अगले दरवाजे से भी उतरेंगे। विमानन कंपनियां आम तौर पर आपात स्थिति में ही दाईं ओर के दरवाजों का इस्तेमाल करती हैं। ऐसा पहली बार हो रहा है, जब कोई विमानन कंपनी हर उड़ान में इसका इस्तेमाल करने जा रही है।
इंडिगो ने यात्रियों को तीन दरवाजों से उतारने की खूब आजमाइश की है। उसने पाया कि इससे विमान आने के बाद दोबारा प्रस्थान के लिए तैयार होने में कम से कम पांच मिनट बच जाते हैं। 1,600 उड़ानें चलाने वाली विमानन कंपनी पर बड़ा असर पड़ेगा और पूरे नेटवर्क में काफी समय बचेगा।
इंडिगो के हवाई अड्डा परिचालन के कार्यकारी उपाध्यक्ष संजीव रामदास ने कहा, ‘इस समय इंडिगो में किसी विमान को उतरने के बाद फिर उड़ान भरने में 30 से 35 मिनट चलते हैं। तीसरे दरवाजे का इस्तेमाल करना आसान मगर कारगर है, जिससे विमान के उतरने और फिर उड़ान भरने के समय में औसतन 5 मिनट कमी आई है।’
इस विमानन कंपनी की परिचालन निर्देशिका के मुताबिक विमान के रिमोट स्टैंड में लगने के बाद सबसे पहले यात्री रैंप अगले दरवाजे और फिर पिछले दरवाजे पर लगाया जाता है। इसके बाद दरवाजे खोले जाते हैं। विमान खाली होने के बाद सुरक्षा जांच होती है और ईंधन भरा जाता है। सुरक्षा जांच के बाद विमान को अगली उड़ान के लिए साफ किया जाता है।
यात्रियों के जल्दी उतरने से इंडिगो विमान को जल्द साफ कर पाएगी और अगली उड़ान के लिए ज्यादा जल्दी तैयार कर पाएगी। इंडिगो जैसी सस्ती विमानन कंपनी के लिए विमान उतरने के बाद उसे दूसरी उड़ाने के लिए जल्द तैयार करना बहुत अहम है क्योंकि इनके कारोबारी मॉडल में एक दिन में विमानों को ज्यादा से ज्यादा घंटे इस्तेमाल करना शामिल है।
उन्होंने कहा, ‘इसे पानी बहने जैसा मानें। इसे निकलने के जितने ज्यादा छेद होंगे, पानी उतनी जल्दी निकलेगा।’
रामदास के प्रबंधन के तहत इंडिगो पहले दिन से ही सीढ़ियों के बजाय रैंप का इस्तेमाल कर रही है। इससे चढ़ना और उतरना जल्द और आसानी से संभव हो पाता है और वक्त का पाबंद रहा जा सकता है।
विमानन कंपनी यह नया तरीका दिल्ली, मुंबई और बेंगलूरु में इस्तेमाल कर रही है। यह इस तरीके का इस्तेमाल उन विमानों में ही करेगी, जो रिमोट पार्किंग स्टैंड में आएंगे। ये स्टैंड टर्मिनल की इमारत से दूर होते हैं। रामदास ने कहा कि वह तीन दरवाजों से यात्रियों को उतारने का तरीका इंडिगो की कम से कम 70 फीसदी उड़ानों में शुरू करना चाहते हैं। बाद में इसे चढ़ने में भी इस्तेमाल किया जाएगा।
हालांकि ग्राउंड परिचालन में महारत रखने वाले उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि इस तरह चढ़ना मुश्किल होगा क्योंकि विमान की दाईं ओर से सामान चढ़ाया जाता है, इसलिए यात्रियों की आवाजाही में अड़चन पैदा होगी।