वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली डिजिटल भुगतान फर्म फोनपे ने कहा है कि उसने ओएसलैब्स का अधिग्रहण किया है। ओएसलैब्स एक मोबाइल प्लेटफॉर्म है जो उपयोगकर्ताओं और ऐप डेवलपरों को सामग्री एवं ऐप की खोज करने में समर्थ बनाता है।
इस अधिग्रहण के लिए फोनपे, ऐफल ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड (एजीपीएल) और ओएसलैब्स ने एक सर्वमान्य समझौता किया है। इसके तहत फोनपे प्रीमियम पर एजीपीएल की पूरी हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी।
इस सौदे से फोनपे को होमग्रोन हॉरिजेंटल, लोकल ऐपस्टोर तैयार करने में मदद मिलेगी जबकि एजीपीएल को उसके मूल निवेश पर प्रमियम मिलेगा। फोनपे के संस्थापक एवं सीईओ समीर निगम ने कहा, ‘हम ओएसलैब्स को इस सफर में शामिल करते हुए काफी उत्साहित हैं। हमने एक स्थानीय ऐपस्टोर तैयार किया है जिसकी भारत को जरूरत है।’
इसी साल अप्रैल में फोनपे इंडस ओएस, ऐफल ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड और वेंचरईस्ट (वीपीएफ) ने कहा था कि वे फोनपे द्वारा इंडस ओस के अधिग्रहण संबंधी विवाद में अदालत के बाहर समझौते की ओर बढ़ रहे हैं।
इन कंपनियों ने एक संयुक्त बयान में कहा था कि विवाद के निपटान में इंडस ओएस में वीपीएफ की हिस्सेदारी इंडस ओएस और उसके शेयरधारकों के व्यापक फायदे के लिए एक महत्त्वपूर्ण कदम है।
एजीपीएल के निदेशक मेई थेंग लियोंग ने कहा, ‘हमें खुशी है कि सभी कंपनियों ने मिलकर इस मुद्दे को निपटा लिया है। हम फोनपे की टीम को होमग्रोन हॉरिजेंटल, लोकल ऐपस्टोर तैयार करने के दृष्टिकोण के लिए बधाई देते हैं।’
यह विवाद पिछले साल उस दौरान सामने आया था जब फोनपे 6 करोड़ डॉलर के एक सौदे के तहत इंडस ओस के अधिग्रहण की प्रक्रिया में थी। इस अधिग्रहण से फोनपे को बाजार में पेटीएम, गूगल पे और एमेजॉन पे जैसी प्रतिस्पर्धियों को टक्कर देने में मदद मिलेगी।
फोनपे ने करीब 6 करोड़ डॉलर के मूल्यांकन पर इंडस ओएस में 92 फीसदी हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए बोली लगाई थी। जबकि कंपनी में सबसे अधिक हिस्सेदारी रखने वाली एजीपीएल ने उस सौदे का विरोध किया था और उसे कानूनी चुनौती दी थी।