एनडीटीवी की प्रवर्तक इकाई ने सेबी से वॉरंट को इक्विटी में बदलने के बारे में स्पष्टीकरण मांगा

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 4:11 PM IST

एनडीटीवी की प्रवर्तक इकाई आरआरपीआर होल्डिंग लि. ने सेबी से वीसीपीएल मामले में चीजें स्पष्ट करने की मांग की है। उसने यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्या बाजार नियामक के पहले के आदेश के तहत वीसीपीएल को जारी वारंट को इक्विटी शेयर में बदलने पर पाबंदी बनी हुई है।
विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लि. (वीसीपीएल) को अडाणी समूह ने ले लिया है। एनडीटीवी के अधिग्रहण के प्रयास के बीच उसकी प्रवर्तक इकाई ने सेबी से चीजें स्पष्ट करने की मांग की है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 27 नवंबर, 2020 को जारी आदेश में एनडीटीवी के संस्थापक, राधिका रॉय और प्रणय रॉय पर प्रतिभूति बाजार में पहुंच को लेकर दो साल के लिये प्रतिबंध लगा दिया था। एनडीटीवी के संस्थापकों का कहना है कि चूंकि पाबंदी अभी जारी है, ऐसे में वीसीपीएल के लिये वॉरंट को इक्विटी में बदलने के विकल्प के उपयोग को लेकर सेबी से मंजूरी की जरूरत है।
एनडीटीवी की ताजा सूचना के अनुसार, उसके संस्थापकों ने बताया है कि आरआरपीआर होल्डिंग ने 28 अगस्त, 2022 को सेबी को पत्र लिखकर यह स्पष्ट करने को कहा है क्या नियामक के 27 नवंबर, 2020 के आदेश वीवीसीपीएल को जारी वॉरंट को प्रवर्तक समूह आरआरपीआरएच के इक्विटी शेयर में बदलने पर पाबंदी लगाते हैं।
एनडीटीवी के संस्थापकों पर पाबंदी 26 नवंबर, 2022 को समाप्त होगी। अडाणी समूह ने पहले ही एनडीटीवी की इस दलील को खारिज कर दिया है। उसने 26 अगस्त को कहा कि प्रवर्तक इकाई आरआरपीआर होल्डिंग नियामक के उस आदेश का हिस्सा नहीं है, जिसमें प्रणय रॉय और राधिका रॉय पर प्रतिभूति बाजार में लेन-देन से प्रतिबंधित किया गया है। 

First Published : August 29, 2022 | 7:59 PM IST