ईडीएस समूह की आईटी कंपनी एम्फैसिस को पांच करोड़ डॉलर (तकरीबन 250 करोड़ रुपये) के सौदे मिले हैं। ये सौदे उसे अमेरिका की कई कंपनियों की तरफ से मिले हैं। मुख्य रूप से यह सौदे सिस्टम इंटिग्रेशन और इन्फ्रास्ट्रक्चर टेक्नोलॉजी ऑउटसोर्सिंग (आईटीओ) के क्षेत्र में मिले हैं।
सूत्रों का कहना है, ‘यह सौदा अमेरिकी कंपनियों के इस फैसले को दिखलाता है कि वे भारतीय आईटी कंपनियों के साथ अपने रिश्तों को अभी और भी मजबूत बनाना चाहती हैं। अमेरिकी कंपनियों तो अब भारतीय आईटी कंपनियों को आईटी और बीपीओ सेवाओं को एक साथ मुहैया करवाने का सौदा भी दे रही हैं। हमें भी उम्मीद है कि इसमें से कुछ सौदे आईटी और बीपीओ सेवाओं को साथ में मुहैया करवाने के होंगे।’
एम्फैसिस का आईटीओ डिवीजन कंपनी का सबसे तेजी से बढ़ाता हुआ कारोबार है। कंपनी का यह कारोबार इस वक्त करीब 4,500 कर्मचारियों की मदद से दुनिया भर में फैले अपने 50 क्लाइंटों को सेवाएं दे रहा है।
एम्फैसिस की प्रवक्ता ने कंपनी को अमेरिकी कंपनियों से मिले सौदों के बारे में कुछ भी कहने से साफ इनकार कर दिया। उसका कहना था कि कंपनी इस वक्त अपनी पहली तिमाही के नतीजों पर काम करने में व्यस्त है।
कंपनी के पहली तिमाही के नतीजों का ऐलान 27 फरवरी को होने वाला है। इस कंपनी का मालिकाना हक और प्रबंधन ह्यूलेट-पैकेड के हाथों में है, जिसने ईडीएस समूह को पिछले साल मई में खरीद लिया था।
बेंगलुरु स्थित यह कंपनी यह कंपनी दुनिया भर में मौजूद अपने ग्राहकों को अप्लीकेशन सर्विसेज, रिमोट इन्फ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज, बीपीओ और केपीओ की सेवा मुहैया करवाती है। एम्फैसिस ने कंपनी के भीतर नई सोच पर जोर देने के लिए ऑफिस ऑफ टेक्नोलॉजी एंड आईपी स्ट्रटेजी को भी गठन किया है।
इस वक्त 28,300 कर्मचारी एम्फैसिस के साथ जुड़े हुए हैं। ये कर्मचारी कंपनी के वित्तीय, कंज्यूमर, हेल्थकेयर, सरकारी, यातायात और रिटेल क्षेत्र के ग्राहकों को अपनी सेवाएं मुहैया करवा रहे हैं।
अक्टूबर, 2008 को खत्म हुए सात महीनों में कंपनी ने 295 करोड़ रुपये का मोटा ताजा मुनाफा दिया था। दूसरी तरफ, अक्टूबर, 2007 को खत्म हुए सात महीनों में कंपनी ने 140 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था।