चार सरकारी बैंकों की जमाओं की रेटिंग मूडीज ने घटाई

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 15, 2022 | 2:33 AM IST

वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने सार्वजनिक क्षेत्र के चार बैंकों, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की लंबी अवधि की स्थानीय व विदेशी मुद्रा जमाओं की रेटिंग बीएए 3 से घटाकर बीए 1 कर दी है। इसके अलावा एजेंसी ने इन चारों बैकों की बेसलाइन क्रेडिट असेसमेंट डाउनग्रेड कर बीए 3 से बी 1 कर दी है क्योंकि कोविड 19 महामारी से लगने वाले आर्थिक झटके से इन लेनदारों का क्रेडिट प्रोफाइल कमजोर हो सकता है और बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता पर चोट पड़ सकती है। चारों बैंकों की रेटिंग का परिदृश्य नकारात्मक है।

इसके साथ ही मूडीज ने पंजाब नैशनल बैंक की लंबी अवधि की स्थानीय व विदेशी मुद्रा जमाओं की रेटिंग बीए 1 की पुष्टि की है और बेसलाइन क्रेडिट असेसमेंट बी 1। मूडीज ने एक बयान में कहा कि पीएनबी का रेटिंग परिदृश्य स्थिर से बदलकर नकारात्मक कर दिया गया है। रेटिंग की इस कवायद से डाउनग्रेड की खातिर 2 जून, 2020 को शुरू की गई समीक्षा संपन्न हो गई।

आम लोगों के बीच लंबे समय से जारी वित्तीय दबाव, कमजोर नौकरी सृजन और एनबीएफसी में क्रेडिट की किलल्लत से गैर-निष्पादित कर्जों में इजाफा होगा। इससे बैंकों की बैलेंस शीट की साफ-सफाई में देरी हो सकती है। बेसलाइन क्रेडिट असेसमेंट को डाउनग्रेड किए जाने में गंभीर आर्थिक सुस्ती के कारण बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता के बढ़ते जोखिम को ध्यान में रखा गया है, जिससे उनकी क्रेडिट लागत में इजाफा हो सकता है। क्रेडिट लागत में इजाफा से लाभ पर असर पड़ेगा और बैंक का पूंजीकरण प्रभावित होगा और हालिया सुधार फिर से पलट जाएगा।

मूडीज को लग रहा है कि जरूरत के समय सरकार से काफी ज्यादा सहारा मिलेगा। एजेंसी बैंकों की जमाओं में बाजार हिस्सेदारी और सरकार से साथ उनके लिंकेज को भी ध्यान में रख रही है।

First Published : September 5, 2020 | 12:06 AM IST