देश की प्रमुख कार कंपनी मारुति सुजूकी को मांग में उम्मीद से बेहतर सुधार दिखा है मगर कच्चे माल की बढ़ती लागत कंपनी के मार्जिन पर आगे तक दबाव बनाए रखेगी। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का परिचालन मार्जिन 4.8 फीसदी रहा, जबकि इससे पिछली तिमाही में मार्जिन 8.6 फीसदी था।
महामारी और लॉकडाउन के कारण बिक्री एवं उत्पादन प्रभावित होने से कंपनी का मुनाफा लगातार दूसरी तिमाही में घटा है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में मारुति का शुद्घ मुनाफा 62 फीसदी घटकर 440 करोड़ रुपये रहा। इस साल जनवरी-मार्च में 3.53 लाख कार बेचने वाली मारुति अप्रैल-जून में 25 फीसदी कम कार बेच पाई। हालांकि कंपनी ने वाहनों के दाम बढ़ाकर लागत में इजाफे का कुछ बोझ ग्राहकों पर डालने का प्रयास किया है। लेकिन मांग ज्यादा नहीं होने के कारण कंपनी दाम उतने नहीं बढ़ा पा रही है, जितने लागत में इजाफे की वजह से बढऩे चाहिए।
मारुति सुजूकी के मुख्य वित्त अधिकारी अजय सेठ ने कहा, ‘हमने कच्चे माल की लागत में इस तरह की तेजी पहले कभी नहीं देखी है। अगले साल के अंत तक कच्चे माल के दाम में तेजी बनी रह सकती है। हमने धीरे-धीरे वाहनों के दाम बढ़ाए हैं, लेकिन मांग में तेजी के बिना उत्पाद के दाम बढ़ाने की गुंजाइश भी सीमित है।’
महामारी के पहले से ही वाहनों की बिक्री में नरमी देखी जा रही थी। कोरोना की दो लहरों ने बची-खुची कसर पूरी कर दी। वाहन कंपनियों को कारखाने बंद करने पड़े और डीलरशिप पर ताले पड़ गए। साथ ही वेतन कटौती एवं छंटनी के लिए भी मजबूर होना पड़ा।
देश में स्टील के दाम पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में करीब 19 फीसदी बढ़े थे और चौथी तिमाही से अब तक 19 फीसदी का और इजाफा हुआ है। इसी तरह एल्युमीनियम के दाम में भी खासी तेजी आई है। अन्य कीमती धातुओं के दाम में भी बढ़ोतरी हुई है।
अन्य वाहन कंपनियों को भी दाम बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ा है। टाटा मोटर्स ने जुलाई में सभी व्यावसायिक वाहनों के दाम 1 से 2.5 फीसदी तक बढ़ा दिए हैं, जबकि अप्रैल में भी 2.5 फीसदी दाम बढ़ाए गए थे। बजाज ऑटो ने भी दाम में करीब 5 फीसदी इजाफा किया है। मारुति सुजूकी के वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक, मार्केटिंग एवं बिक्री शशांक श्रीवास्तव ने कहा, ‘देश भर में लॉकडाउन हटाए जाने से जुलाई में वाहनों की पूछताछ इससे पिछली तिमाही की तुलना में करीब 85 फीसदी बढ़ी है।’
श्रीवास्तव ने कहा कि कंपनी ने मझोले स्तर के एसयूवी की कमी पाटने की योजना बनाई है। इस श्रेणी में हुंडई क्रेटा और किया सेल्टॉस से कड़ी प्रतिस्पद्र्घा मिलने से कंपनी की बाजार हिस्सेदारी घट रही है। श्रीवास्तव ने कहा, ‘प्रवेश स्तर के एसयूवी सेगमेंट में विटारा ब्रेजा पहले पायदान पर है। लेकिन मझोले स्तर पर हमें कड़ी टक्कर मिल रही है। ऐसे में इस श्रेणी में नए वाहन लाने की संभावना तलाशी जा रही है।’