दिग्गज सरकारी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने वित्त वर्ष 2023 की अप्रैल-जून तिमाही में नए बिजनेस प्रीमियम (एनबीपी) में 200 आधार अंक बाजार हिस्सेदारी बढ़ाई है।
भारतीय जीवन बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक जून तिमाही के अंत में एलआईसी की एनबीपी में बाजार हिस्सेदारी 65.42 प्रतिशत रही है, जो वित्त वर्ष 22 के अंत में 63.25 प्रतिशत थी। बहरहाल कंपनी की बाजार हिस्सेदारी वित्त वर्ष 21 और वित्त वर्ष 20 के स्तर से अभी भी कम है। वित्त वर्ष 21 में एलआईसी की एनबीपी बाजार में हिस्सेदारी 66 प्रतिशत और वित्त वर्ष 20 में 69 प्रतिशत थी।
एनबीपी किसी खास वर्ष में नई पॉलिसी से मिला प्रीमियम होता है।
भारत के बीमा उद्योग में एलआईसी पिछले 20 साल से सबसे मजबूत कारोबारी बनी हुई है, जब इसे निजी क्षेत्र के लिए खोला गया था। अपने मजबूत ब्रांड और व्यापक वितरण नेटवर्क और ग्राहकों से शानदार जुड़ाव के कारण वह मजबूती से खड़ी है। बहरहाल एनुअलाइज्ड प्रीमियम इक्वीवैलेंट (एपीई) आधार पर एलआईसी की बाजार हिस्सेदारी ऐसी नहीं है। वित्त वर्ष 22 में एलआईसी की बाजार हिस्सेदारी एपीई के हिसाब से 46 प्रतिशत थी। वित वर्ष 21 में यह 49 प्रतिशत और वित्त वर्ष 20 में 59 प्रतिशत थी।
बड़े ग्रुप बिजनेस के कारण एलआईसी की सिंगल प्रीमियम प्रोडक्ट्स में बड़ी हिस्सेदारी है। उसके एनबीपी में सिंगल प्रीमियम की हिस्सेदारी 70 प्रतिशत से ज्यादा है। वहीं निजी बीमा कंपनियों की हिस्सेदारी उनके एनबीपी में 20 से 30 प्रतिशत है। इस तरह से एलआईसी की एनबीपी के हिसाब से बाजार हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है।
कोविड से जुड़े व्यवधानों की वजह से एलआईसी को शुरुआत में वितरण संबंधी समस्याएं आईं, क्योंकि यह एजेंटों से संचालित कंपनी है। बहरहाल इसने तेजी से डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश किया और अपने वितरण नेटवर्क को प्रबंधित कर व्यवस्था पटरी पर लाने में कामयाब रही।
निजी क्षेत्र के कारोबारियों से एलआईसी अपनी हिस्सेदारी गंवा रही है, क्योंकि उनका विविधीकृत पोर्टफोलियो मिक्स है। अब एलआईसी भी अपने उत्पादों के विविधीकरण पर विचार कर रही है और एक उत्पाद पर अपनी निर्भरता घटा रही है।
एलआईसी बाजार में अधिक गैर-बराबर उत्पादों को पेश करने पर विचार कर रही है। एपीई आधार पर गैर बराबर की एलआईसी के पोर्टफोलियो में हिस्सेदारी 7 प्रतिशत है और इसे कंपनी अगले 3-4 साल में 12 से 15 प्रतिशत तक ले जाने पर विचार कर रही है। इसके अलावा एलआईसी अपना वितरण रणनीति भी बदलने जा रही है। इस सिलसिले में एलआईसी को भेजे गए ईमेल का उचित उत्तर नहीं मिला।
पिछले महीने बिजनेस स्टैंडर्ड के साथ एक साक्षात्कार में एलआईसी के चेयरपर्सन एमआर कुमार ने कहा था कि एलआईसी बहुत बड़ा संस्थान है और हम हर कठिन स्थिति से और मजबूत होकर उभरे हैं।
शुक्रवार को एलआईसी के शेयर 708.05 रुपये पर बंद हुए, जो इसके पहले के दिन हुई बंदी से 1.42 प्रतिशत अधिक है।