कोविड दवा को भारत में जल्द मंजूरी!

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 10:38 PM IST

अमेरिकी औषधि नियामक यूएसएफडीए ने मर्क और रिजबैक की एंटीवायरल दवा मोलनुपिराविर के लिए गुरुवार को मंजूरी दी। इससे भारतीय औषधि नियामक से इस दवा को जल्द मंजूरी मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
मोलनुपिराविर के लिए यूएसएफडीए की मंजूरी को काफी मत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे कोविड के उपचार के लिए खाने वाली सस्ती दवा बाजार में आएगी। रिजबैक बायोथेराप्यूटिक्स के साथ मिलकर मर्क द्वारा विकसित यह दवा वायरस के उस हिस्से को लक्ष्य करती है जिसे रिबोन्यूक्लिक एसिड पॉलीमरेज कहा जाता है। कोरोनावायरस के ओमीक्रोन वेरिएंट में म्यूटेशन के बावजूद वायरस के उस हिस्से में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) को सलाह देने वाली विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने दवा विनिर्माताओं के साथ पिछली बैठक में इस दवा के लिए और अधिक आंकड़े मांगे थे। बैठक में डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज, टॉरंट फार्मास्युटिकल्स, एमक्योर फार्मास्युटिकल्स, सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज और सिप्ला के प्रतिनिधि मौजूद थे।
डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज के प्रवक्ता ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा, ‘अपनी पिछली बैठक में विषय विशेषज्ञ समिति ने सभी कंपनियों से और अधिक आंकड़े जमा कराने का आग्रह किया था। कंसोर्टियम की ओर से हमने आंकड़े जमा करा दिए हैं। अब हमें एसईसी की अगली बैठक का इंतजार है।’
ये पांच दवा विनिर्माता भारत में एंटीवायरल दवा मोलनुपिराविर क्लीनिकल परीक्षण के लिए साथ मिलकर प्रायोजन, निगरानी और पर्यवेक्षण के लिए इसी साल जून में एकजुट हुए थे। इस साल मार्च और अप्रैल के दौरान इन पांच दवा कंपनियों ने भारत सहित कम एवं मध्यम आय वाले 100 से अधिक देशों को मोलनुपिराविर की आपूर्ति एवं विनिर्माण के लिए मर्क शार्प डोम (एमएसडी) के साथ व्यक्तिगत तौर पर गैर-विशेष स्वैच्छिक लाइसेंसिंग समझौता किया था।
इसके अलावा, हेटेरो लैब्स जैसी दवा कंपनियों ने भी यहां मोलनुपिराविर के लिए स्वतंत्र रूप से परीक्षण किए हैं।
अमेरिकी औषधि नियामक यूएसएफडीए ने कोविड-19 के हल्के एवं मध्यम लक्षण वाले वयस्क मरीजों के उपचार में मर्क की एंटीवायरल दवा मोलनुपिराविर के इस्तेमाल के लिए गुरुवार को मंजूरी दी। इसका उपयोग उन मरीजों पर करने के लिए मंजूरी दी गई है जो कोविड-19 के गंभीर संक्रमण की ओर बढ़ रहे हैं और अस्पताल में भर्ती होने अथवा मृत्यु का जोखिम दिख रहा हो।
अमेरिकी औषधि नियामक ने यह भी कहा है कि मरीजों में कोविड-19 के संक्रमण का पता चलने के बाद जल्द से जल्द यानी लक्षण दिखने के पांच दिनों के भीतर मोलनुपिराविर दवा की शुरुआत करनी चाहिए। हालांकि यह दवा 18 साल से कम उम्र के बच्चों के उपयोग के लिए अधिकृत नहीं है।

First Published : December 24, 2021 | 9:11 PM IST