आईटीसी लिमिटेड स्वचालित सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) प्रणालियों में निवेश कर रही है और वह माल की निकासी को और अधिक आसान बनाने के लिए इस साल कई पहल शुरू करने जा रही है।
आईटीसी लिमिटेड के प्रमुख सूचना अधिकारी वी. वी. आर. बाबू के मुताबिक नए बिजनेस और डायवर्सिफिकेशन के साथ पिछले कुछ वर्षों में आईटीसी के स्टॉक कीपिंग यूनिट्स (एसकेयू) में 50 फीसदी तक का इजाफा हुआ है।
बाबू ने कहा, ‘वितरण खर्च में कमी लाने और माल की सही निकासी सुनिश्चित करने के लिए हम आईटी में लगातार निवेश कर रहे हैं और संचालन को आसान बनाने के लिए नई परियोजनाओं के लिए तैयार हैं।’ अब तक खुदरा स्तर पर आईटीसी के सभी उत्पाद बार कोड वाले होते थे। लेकिन अब आईटीसी अपने गोदाम पर स्वयं अपने उत्पादों को बार कोड से लैस करेगी।
इससे कंपनी को उत्पाद निर्माण के समय का रिकॉर्ड रखने मदद मिलने की संभावना है।स्वचालित आईटी प्रणालियों से न सिर्फ उत्पादों के निर्माण की तिथि का पता लगाया जा सकेगा बल्कि वजन और उस फैक्टरी के स्थान जैसे ब्यौरे भी सुरक्षित रहेंगे जहां इन उत्पादों को बनाया गया हो। फिलहाल आईटीसी के भारत में 39 गोदाम हैं और सामानों को लाने ले जाने के लिए रोजाना तकरीबन 500-800 ट्रकों का इस्तेमाल किया जाता है।