प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
वित्त वर्ष 26 में अप्रैल से नवंबर के बीच ऐपल इंक की अगुआई में अमेरिका को भारत का स्मार्टफोन निर्यात सालाना आधार पर 200 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 12.54 अरब डॉलर हो गया। वाणिज्य विभाग के नवीनतम आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। वित्त वर्ष 25 की इसी अवधि के दौरान यह आंकड़ा 4.1 अरब डॉलर था।
स्मार्टफोन के निर्यात में इस तीन गुना उछाल ने न केवल भारत से अमेरिका को होने वाले कुछ प्रमुख वस्तुओं के निर्यात में भारी गिरावट की भरपाई की है, बल्कि समूची निर्यात वृद्धि को बरकरार रखने में भी मदद की है। अमेरिका के व्यापक स्तर पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाने और निर्यात में भारी गिरावट की व्यापक चिंताओं के बावजूद ऐसा हुआ है। इस अवधि के दौरान जिन उद्योगों को सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा है, उनमें रत्न और आभूषण (निर्यात में सालाना आधार पर 44 प्रतिशत गिरावट), वाहन पुर्जे (6.8 प्रतिशत की गिरावट) और पेट्रोलियम उत्पाद (7.78 प्रतिशत की गिरावट) जैसे सेक्टर शामिल हैं। अमेरिका को निर्यात की जाने वाली 98 वस्तुओं में से 59 वस्तुएं दो अंकों के वर्गीकरण वाले स्तर पर इस अवधि के दौरान ऋणात्मक क्षेत्र में रहीं।
इसके बावजूद वित्त वर्ष 26 के पहले आठ महीने में अमेरिका को भारत का समूचा निर्यात 11.28 प्रतिशत बढ़ा। यह इसलिए संभव हो पया क्योंकि जहां अमेरिका को कुल निर्यात में 5.9 अरब डॉलर की वृद्धि हुई, वहीं अकेले स्मार्टफोन के निर्यात में 8.3 अरब डॉलर तक का इजाफा हुआ। इसने न केवल अन्य वस्तुओं के निर्यात में संकुचन को बेअसर कर दिया, बल्कि इंजीनियरिंग वस्तुओं और लौह और इस्पात के उत्पादों की मदद से समूचे निर्यात को भी बढ़ा दिया, जो धनात्मक क्षेत्र में बने रहे।स्मार्टफोन के निर्यात को अमेरिका के अधिक शुल्कों से बाहर रखा गया है और वे शून्य शुल्क पर बाजार में प्रवेश करते हैं।
उनका बढ़ता महत्त्व इस बात से स्पष्ट हो जाता है कि वित्त वर्ष 26 में अप्रैल से नवंबर के दौरान अमेरिका को किए जाने वाले भारत के कुल निर्यात में स्मार्टफोन की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत से अधिक रही, जबकि वित्त वर्ष 25 की इसी अवधि में यह केवल 8 प्रतिशत थी।