देसी बाजार में यात्री वाहनों की थोक बिक्री जनवरी में 4.55 लाख तक पहुंच गई, जो पिछले साल जनवरी से 12.6 फीसदी ज्यादा है। बिक्री में तेजी की बड़ी वजह माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में पिछले साल सितंबर में की गई कटौती रही, जिसके कारण मांग ने रफ्तार पकड़ ली।
मारुति सुजूकी के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (मार्केटिंग एवं सेल्स) पार्थ बनर्जी ने कहा कि जीएसटी में बदलाव से मांग में तेजी बी हुई है। लेकिन आने वाले महीनों में ही पता चल पाएगा कि मांग तेज बनी रहेगी या नहीं। उन्होंने बताया कि मारुति के डीलरों के पास गाड़ियों का स्टॉक काफी कम हो गया है और अभी केवल तीन दिन का स्टॉक बचा है।
जनवरी में ग्राहकों ने मारुति की 2.75 लाख गाड़ियां बुक कीं, जो साल भर पहले के मुकाबले 25 फीसदी ज्यादा हैं। लेकिन कंपनी इतना उत्पादन नहीं कर पा रही है कि मांग पूरी हो जाए। वीडियो संवाददाता सम्मेलन में बनर्जी ने बताया कि इससे निपटने के लिए मारुति में ज्यादा पालियों में काम हो रहा है और रविवार तथा छुट्टियों के दिन भी कारखाने चल रहे हैं। मगर उन्होंने कहा कि कुछ महीनों में नई उत्पादन लाइन चालू होनी है और तब तक किल्लत बनी रह सकती है।
थोक बिक्री की बात करते हुए बनर्जी ने बताया कि इस साल जनवरी में वाहन उद्योग ने देसी बाजार में लगभग 4.5 लाख से 4.55 लाख गाड़ियां बेचीं। पिछले साल जनवरी में आंकड़ा 4.04 लाख ही था। बनर्जी ने कहा कि पहले उन्होंने 2026 में वाहन बिक्री 6-7 फीसदी बढ़ने का अनुमान जताया था मगर जिंस की बढ़ती कीमतों और भूराजनीतिक घटनाक्रम को देखते हुए अनुमान बदलना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि मारुति लागत में बढ़ोतरी का कुछ बोझ खुद ही उठाएगी मगर एक समय के बाद मजबूरी में दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं। मारुति ने जनवरी में देश के भीतर 1,74,259 यात्री वाहनों की थोक बिक्री की, जो पिछले साल जनवरी की तुलना में केवल 0.5 फीसदी ज्यादा हैं।
जनवरी में ह्युंडै मोटर इंडिया लिमिटेड ने थोक में 59,107 वाहन बेचे, जो पिछले साल जनवरी से 9.5 फीसदी अधिक रहे। कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) तरुण गर्ग ने कहा कि देसी बाजार में बिक्री के लिहाज से जनवरी 2026 ह्युंडै के लिए सबसे अच्छा महीना रहा, जब उसने 59,107 गाड़ियां बेचीं। निर्यात को मिलाने पर कुल बिक्री 73,137 वाहन पर पहुंच गई, जो जनवरी 2025 से 11.5 फीसदी ज्यादा है। निर्यात 20.9 फीसदी बढ़कर 14,030 वाहन तक पहुंच गया, जिससे पता चलता है कि कंपनी की गाड़ियों की मांग विदेशी बाजार में बनी हुई है। टाटा मोटर्स की देसी थोक बिक्री में जबरदस्त उछाल आया और उसने जनवरी में 70,222 वाहन बेचे। पिछले साल जनवरी से यह आंकड़ा 46.1 फीसदी ज्यादा रहा।
महिंद्रा ऐंड महिंद्रा (एमऐंडएम) के यात्री वाहनों की देसी बाजार में थोक बिक्री 25.4 फीसदी बढ़कर 63,510 वाहन हो गई। कंपनी के सीईओ (ऑटोमोटिव) नलिनीकांत गोलागुंटा ने कहा कि कंपनी ने साल की शुरुआत तेज रफ्तार के साथ की और स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल की मांग खास तौर पर ज्यादा रही। उन्होंने बताया कि एक्सयूवी 700 और एक्सईवी 9एस की बुकिंग 14 जनवरी को शुरू हुई और चार घंटे में ही 93,689 गाड़ियां बुक हो गईं, जिनकी कुल कीमत 20,500 करोड़ रुपये रही।