भारत एक असाधारण बाजार है जहां हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) का लंबा इतिहास और वर्चस्व रहा है। यूनिलीवर के मुख्य कार्याधिकारी एलन जोप ने निवेशकों से बातचीत में आज यह बात कही। उन्होंने कहा कि 84 फीसदी भारतीय कारोबार की मात्रात्मक बिक्री बढ़ रही है और यहां वृद्धि के लिए दमदार अवसर मौजूद है।
भारत यूनिलीवर का अमेरिका के बाद दूसरा सबसे बड़ा बाजार है जो उसके राजस्व में करीब 10 फीसदी का योगदान करता है। कंपनी के राजस्व में अमेरिका करीब 18 फीसदी योगदान करता है जबकि चीन का योगदान करीब 6 फीसदी है। दिसंबर तिमाही के दौरान कंपनी की बिक्री में 3.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। कंपनी अब भारत, चीन और अमेरिका पर जोरदार दांव लगाने जा रही है क्योंकि कोविड के बाद की दुनिया में वह तेजी से वृद्धि करना चाहती है। यूनिलीवर जनवरी से दिसंबर की अवधि को लेखा वर्ष मानती है।
कंपनी ने कहा है कि दिसंबर तिमाही के दौरान सौंदर्य एवं पर्सनल केयर श्रेणी में 1.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। इसी प्रकार होम केयर श्रेणी में 4.7 फीसदी और फूड ऐंड रीफ्रेशमेंट श्रेणी में तिमाही के दौरान 5.4 फीसदी की वृद्धि हुई।
कंपनी के कुल राजस्व में भारत और चीन का योगदान करीब एक तिहाई है। जोप ने कहा कि वह इसे 2030 तक 60 तक बढ़ाना चाहते हैं। पूरे साल 2020 के लिए यूनिलीवर की बिक्री में 1.9 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई जिसे सौंदर्य एवं पर्सनल केयर में 1.2 फीसदी, होम केयर में 4.5 फीसदी और फूड ऐंड रीफ्रेशमेंट में 1.3 फीसदी की वृद्धि से बल मिला।