टाटा मोटर्स ने अपनी लखटकिया कार परियोजना को भले ही गुजरात ले जाने का फैसला कर लिया हो।
लेकिन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री इससे बेहद उत्साहित हैं कि ‘नैनो’ का सीमित उत्पादन उत्तराखंड के पंतनगर में होगा।
मुख्यमंत्री भुवनचंद खंडूड़ी ने आज अपने जनता मिलन कार्यक्रम के बाद यहां बताया कि टाटा के अधिकारियों के साथ बातचीत में यह सहमति बनी है कि नैनो कार के कुछ हिस्से का निर्माण पंतनगर में होगा जहां टाटा पहले से ही अपने मिनी ट्रक ‘ऐस’ का निर्माण कर रही है।
पश्चिम बंगाल के सिंगुर में टाटा समूह को राजनीतिक गतिरोध झेलने के बाद उत्तराखंड से नैनो के सीमित उत्पादन को लेकर राज्य सरकार की ओर से की गई यह पहली आधिकारिक पुष्टि है। खंडूड़ी ने कहा, ‘हालांकि उत्तराखंड टाटा समूह की प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर था, लेकिन हम कंपनी की भूमि अधिग्रहण जरूरतों को पूरा करने में खरे नहीं उतर पाए।’
खंडूड़ी ने कहा कि उत्तराखंड के विकास के लिए उनकी सरकार पूरी तरह से तैयार है और इसके लिए उनके अधिकारी लगातार टाटा समूह के अधिकारियों के साथ संपर्क में थे।
यह पूछे जाने पर कि सीमित उत्पादन से उनका क्या तात्पर्य है, खंडूड़ी ने कहा कि मुख्य संयंत्र तो संभवत: गुजरात जा रहा है, लेकिन उस संयंत्र के अलावा और भी कई उपकरणों और अन्य सामग्रियों का निर्माण होना है। उन्ही के तहत कुछ संख्या में उनका निर्माण पंतनगर में होगा। उन्होंने कहा कि राज्य के औद्योगिक विकास के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है।
राज्य सरकार के अधिकारियों का कहना है कि कंपनी ने कार परियोजना के लिए गुजरात को शायद इसलिए चुना है क्योंकि वह कारों के निर्यात के लिए वहां उचित बंदरगाह सुविधा का फायदा उठा सकती है।