facebookmetapixel
Advertisement
पेपर लीक के खिलाफ कानून में संशोधन को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी, सोमवार को संसद में पेश होगा विधेयकभारी बारिश और बाढ़ का कहर: गुजरात में सेना ने संभाला मोर्चा, असम-महाराष्ट्र में भी हालात गंभीरचार साल के निचले स्तर पर पहुंची निजी कारोबारी गतिविधियां, महंगाई और पश्चिम एशिया तनाव से सुस्त पड़ी रफ्तारफ्रंट-रनिंग मामले में ऐक्सिस MF के पूर्व डीलर वीरेश जोशी पर 7 साल का प्रतिबंध, 3 करोड़ का जुर्माना भीरसायन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार का बड़ा कदम, 3,030 करोड़ रुपये की ‘भव्य-रसायन’ योजना मंजूरCBDT को वित्त मंत्री की सख्त हिदायत, कहा: अभी भी 5.4 लाख अपीलें लंबित, मुकदमेबाजी रणनीति की करें समीक्षाUS Tariff on India: अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर लगाया 10% टैरिफ, धारा 301 के तहत हुई कार्रवाईUpcoming IPO: देश का सबसे बड़ा हेल्थकेयर IPO ला रही मणिपाल हेल्थ, 29 जुलाई से खुलेगा इश्यूHindustan Zinc Q1 Results: दोगुने से ज्यादा बढ़ा मुनाफा, 5,469 करोड़ रुपये पर पहुंचा आंकड़ाबिना इंटरनेट चलने वाले Bitchat ऐप पर सरकार का शिकंजा, GitHub से कोड हटाने का दिया निर्देश

हिंडाल्को ने अल्ट्राटेक के साथ समझौता किया

Advertisement
Last Updated- December 15, 2022 | 3:09 AM IST

प्राकृतिक संसाधनों पर अपनी निर्भरता घटाने के प्रयास में अल्ट्राटेक सीमेंट और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज ने समझौता किया है जिसके तहत एल्युमीनियम उत्पादक सात राज्यों में मौजूद अल्ट्राटेक के संयंत्रों को सालाना 12 लाख टन रेड मड की आपूर्ति करेगी। रेड मड को बॉक्साइट अपशेष के तौर पर भी जाना जाता है। रेड मड की आपूर्ति अल्ट्राटेक के 14 संयंत्रों को की जाएगी।
रेड मड एल्युमिना के औद्योगिक उत्पादन में पैदा होने वाला एक अपशिष्ट उत्पाद है जिसका इस्तेमाल मुख्य तौर पर एल्युमीनियम धातु के निर्माण में किया जाता है। हालांकि इस धातु को सीमेंट उद्योग, सड़क निर्माण और और अयस्क के स्रोत के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है।
कंपनी द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि हिंडाल्को अपने तीनों रिफाइनरियों में 100 प्रतिशत रेड मड इस्तेमाल वाली दुनिया की पहली कंपनी है। हिंडाल्को की एल्युमिना रिफाइनरियां मौजूदा समय में हर महीने सीमेंट कंपनियों को 250,000 टन बॉक्साइट अवशेष की आपूर्ति कर रही हैं, जिससे बॉक्साइट अवशेष के बड़े पैमाने पर वाणिज्यिक इस्तेमाल में मदद मिल रही है। इसके साथ, हिंडाल्को ने वित्त वर्ष 2021 में 25 लाख टन बॉक्साइट अवशेष इस्तेमाल का लक्ष्य रखा है।
हिंडाल्को के प्रबंध निदेशक सतीश पई के हवाले से कहा गया है, ‘हिंडाल्को ने निर्माण उद्योग के लिए हाई-ग्रेड उत्पाद विकसित करने के लिए सीमेंट कंपनियों के साथ काम किया है। हमारा मकसद अपने सभी परिचालन में जीरो-वेस्ट एल्युमिना उत्पादन हासिल करना है।’ वैश्विक रूप से 16 करोड़ टन रेड मड का सालाना उत्पादन होता है और इसे भूमि के बड़े हिस्से पर रखा जाता है, जो एक गंभीर औद्योगिक चुनौती है।

Advertisement
First Published - August 20, 2020 | 11:50 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement