विद्युत वित्त निगम (पीएफसी) की ओर से बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की नौंवे चरण की रैंकिंग में गुजरात की कंपनियों ने लगातार नौंवे वर्ष सूची में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। ए+ की उच्चतम रैकिंग हासिल करने वाली पांच डिस्कॉम गुजरात की ही हैं। हरियाणा और उत्तर प्रदेश की डिस्कॉम ने पिछले साल के मुकाबले अपनी रैंकिंग में सुधार की है। ये कंपनियां एक रेटिंग ऊपर आई हैं।
डिस्कॉम की रेटिंग जारी करते हुए केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने कहा कि विद्युत क्षेत्र वितरण क्षेत्र की वास्तविक स्थिति के उचित और सटीक आकलन से लाभान्वित होगा जिससे इनके प्रदर्शन के आकलन और सुधार में मदद मिलेगी।
न्यूनतम रेटिंग वाली डिस्कॉम में मेघालय पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड, झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड, मणिपुर स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, त्रिपुरा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी कॉर्पोरेशन लिमिटेड, तमिलनाडु जनरेशन ऐंड डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन और जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड शामिल हैं।
कमजोर रेटिंग वाली डिस्कॉम की सामान्य समस्या उच्च समग्र तकनीकी और वाणिज्यिक (एटीऐंडसी) नुकसान, उत्पादन कंपनियों का उच्च बकाया और टैरिफ याचिकाओं को दाखिल नहीं करना या विलंब से जमा करना है।
हाल में मंजूर किए गए 3 लाख करोड़ रुपये की डिस्कॉम सुधार योजना के बारे में बात करते हुए सिंह ने कहा, ‘योजना में डिस्कॉम को आपूर्ति बुनियादी ढांचे के सुदृढीकरण और आधुनिकीकरण के लिए वित्तीय सहायता मुहैया कराई जाती है। राज्य अपने वितरण प्रणालियों के सुदृढीकरण के लिए योजना के तहत धन का लाभ उठा सकते हैं। ऐसे राज्य जहां पर डिस्कॉम घाटे में चल रही हैं उन्हें योजना के तहत उपलब्ध धन तभी मुहैया कराया जाएगा जब वे घाटे में कटौती करने वाले उपाय करें। इसलिए फंडिंग को किए जाने वाले सुधारों के साथ जोड़ा गया है। डिस्कॉम के प्रदर्शन में पहले से ही सुधार हो रहा है। योजना से ये सुधार और आगे बढ़ेंगे।’