ग्रोफर्स का जीएमवी 10,000 करोड़ रुपये होगा

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 9:11 AM IST

सॉफ्टबैंक के निवेश वाली ऑनलाइन ग्रोसरी फर्म ग्रोफर्स सकल मर्केंडाइज वैल्यू (जीएमवी) के मामले में 10,000 करोड़ रुपये के आंकड़ा को छूने की उम्मीद कर रही है। कोरोनवायरस वैश्विक महामारी के कारण ई-कॉमर्स कारोबार को काफी रफ्तार मिली है। कंपनी के मौजूदा सेल कार्यक्रम ग्रैंड ऑरेंज बैग डेज (जीओबीडी) को ग्राहकों का काफी समर्थन मिला है और इसमें करीब 50 लाख ग्राहकों ने भागीदारी की है।
गुरुग्राम की यह ऑनलाइन ग्रोसरी फर्म बाजार में बिगबास्केट, स्विगी, फ्लिपकार्ट और एमेजॉन से प्रतिस्पर्धा करती है। मौजूदा सेल कार्यक्रम के दौरान उसकी में 3 से 4 गुना वृद्धि हुई है।
ग्रोफर्स के सह-संस्थापक सौरभ कुमार ने कहा, ‘कोविड-19 वैश्विक महामारी और उसकी रोकथाम के कारण लगाए गए देशव्यापी लॉकडाउन ने ऑनलाइन ग्रोसरी कारोबार में बदलाव की रफ्तार को तेज कर दिया।’ उन्होंने कहा, ‘ग्राहकों ने किराना एवं आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी के लिए ऑनलाइन को एक प्रमुख माध्यम के रूप में अपनाया है।’ उन्होंने कहा कि जीओबीडी5 सेल के दौरान ग्रोफर्स ने जबरदस्त मांग दर्ज की। उन्होंने कहा कि इस सेल कार्यक्रम के दौरान खरीदारों के बास्केट का औसत आकार करीब 2,500 रुपये रहा जबकि सामान्य दिनों में यह आंकड़ा 1,500 से 1,600 रुपये तक रहता है।
कुमार ने कहा, ‘हम वित्त वर्ष 2021 में 10,000 करोड़ रुपये के जीएमवी की उम्मीद कर रहे हैं। जीओबीडी5 सेल के दौरान हुई दमदार बिक्री और ग्राहकों के जुडऩे से के कारण हम हर साल जीएमवी को दोगुना करने की राह पर अग्रसर हैं।’ ग्रोफर्स के लिए इस साल का सेल काफी बड़ा था और इस दौरान 50 लाख छोटे-बड़े उत्पादों को ग्राहकों के सामने पेश किया गया था। ग्रोफर्स के लिए शीर्ष श्रेणियों में ग्रोसरी एवं स्टेपल्स, पर्सनल केयर, घरेलू सामान, पेय पदार्थ, बेबी केयर और होम फर्निशिंग शामिल हैं। उत्पादों में पावर बैंक और हेडफोन से लेकर प्रेशर कुकर एवं डिनर सेट तक शामिल थे।
ग्रोफर्स ने दिल्ली, अहमदाबाद, बेंगलूरु, चेन्नई और मुंबई जैसे शहरों से बड़ी तादाद में ग्राहकों को आकर्षित किया। इसके अलावा वह कानपुर, फरीदाबाद, जयपुर और गाजियाबाद सहित कई छोटे शहरों एवं कस्बों के ग्राहकों में भी आकर्षित करने में सफल रही। सेल के पहले 2 दिनों के दौरान कंपनी ने 40 लाख से अधिक विजिटर्स को दर्ज किया।
कुमार ने कहा कि ई-ग्रोसरी बाजार का आकार अपेक्षाकृत छोटा है लेकिन कुल मिलाकर उसकी हिस्सेदारी बढ़ेगी। लॉकडाउन अवधि के दौरान ई-ग्रोसरी श्रेणी पहले ही 75 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है। ऑनलाइन खरीदारी की ओर ग्राहकों के बढ़ते रुझान को देखते हुए ऐसा लगता है कि 2024 तक वह 18.2 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। ग्रोफर्स जुलाई 2020 में अपने परिचालन वाले 27 शहरों में मुनाफे में आ गई थी जो उसके दिसंबर 2020 के लक्ष्य से पहले था। वैश्विक महामारी के कारण ऑनलाइन खरीदारी पर ग्राहकों के जोर से कंपनी को निर्धारित समय से पहले लक्ष्य तक पहुंचने में मदद मिली। लॉकडाउन के बाद कंपनी ने 26 लाख नए ग्राहक हासिल किए हैं। इसके अलावा पहली बार ऑनलाइन ग्रोसरी की खरीदारी करने वालों की संख्या में 64 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। ग्रोफर्स ने उम्मीद जताई है कि 2022 तक उसका जीएमवी बढ़कर 30,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।

First Published : January 27, 2021 | 11:39 PM IST