Representative Image
आज के समय में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल जीवन का एक अहम हिस्सा बन चुका है। लोग ऑनलाइन शॉपिंग, बिल पेमेंट, ट्रैवल और कैशलेस ट्रांजेक्शन के लिए क्रेडिट कार्ड का सहारा लेते हैं। आम धारणा यह है कि अगर आपका CIBIL Score अच्छा है तो बैंक आसानी से आपका क्रेडिट कार्ड अप्रूव कर देगा। लेकिन वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा हमेशा जरूरी नहीं है। कई बार CIBIL Score मजबूत होने के बावजूद भी बैंक क्रेडिट कार्ड रिजेक्ट कर देते हैं।
वॉइस ऑफ बैंकिंग (Voice of Banking) के संस्थापक अश्विनी राणा के अनुसार, क्रेडिट कार्ड रिजेक्शन का सबसे बड़ा कारण कार्ड की कैटेगरी और आवेदक की इनकम होती है।
उन्होंने कहा, “जिस क्रेडिट कार्ड के लिए आप आवेदन कर रहे हैं, क्या आपकी सैलरी उस कार्ड के लिए तय मानकों के अनुरूप है?”
कई बार लोग प्रीमियम या हाई-कैटेगरी कार्ड के लिए आवेदन कर देते हैं, जबकि उनकी इनकम उस स्तर के कार्ड के लिए पर्याप्त नहीं होती। ऐसे मामलों में बैंक अप्रूवल देने से बचता है।
यह भी पढ़ें: Credit Score Tips: सस्ता और जल्दी लोन चाहिए? पहले CIBIL स्कोर को करें मजबूत, जानें 5 जरूरी बातें
क्रेडिट कार्ड अप्रूवल में नौकरी की प्रकृति भी महत्वपूर्ण होती है। स्थायी नौकरी करने वाले कर्मचारियों को बैंक अपेक्षाकृत सुरक्षित मानते हैं।
वहीं, कॉन्ट्रैक्ट या अस्थायी नौकरी करने वालों के प्रोफाइल को बैंक ज्यादा जोखिम भरा मान सकते हैं, जिससे कार्ड रिजेक्ट होने की संभावना बढ़ जाती है।
अश्विनी राणा के मुताबिक, कम समय में कई बैंकों से क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करना भी नेगेटिव सिग्नल माना जाता है।
उन्होंने बताया कि बार-बार आवेदन करने से क्रेडिट प्रोफाइल प्रभावित होती है और बैंक इसे वित्तीय दबाव का संकेत मान सकते हैं।
अगर किसी व्यक्ति पर पहले से कई लोन या भारी EMI का बोझ है, तो बैंक नए क्रेडिट कार्ड के लिए मंजूरी देने में हिचकिचाता है।
बैंक यह सुनिश्चित करना चाहता है कि ग्राहक की आय और खर्चों में संतुलन बना हुआ हो।
यह भी पढ़ें: बिल टाइम पर चुकाया, फिर भी गिरा CIBIL? ये है चुपचाप स्कोर घटाने वाला नंबर!
विशेषज्ञों की सलाह है कि क्रेडिट कार्ड के लिए सबसे पहले अपने मौजूदा बैंक को प्राथमिकता दें।
जिस बैंक में आपका सेविंग अकाउंट है, वह आपके ट्रांजैक्शन पैटर्न और फाइनेंशियल बिहेवियर को बेहतर तरीके से समझता है, जिससे अप्रूवल के चांस बढ़ जाते हैं।
अंत में विशेषज्ञों का कहना है कि एक व्यक्ति को एक या दो क्रेडिट कार्ड तक ही सीमित रहना चाहिए।
ज्यादा क्रेडिट कार्ड होने पर बैंक आपके प्रोफाइल को जोखिम भरा मान सकता है, जिससे नए आवेदन रिजेक्ट होने की आशंका बढ़ जाती है।