facebookmetapixel
Advertisement
PAN बनवाना हुआ मुश्किल या आसान? 1 अप्रैल से बदलेंगे नियम; Aadhaar के साथ देने होंगे ये नए डॉक्यूमेंट्स1720% का मोटा डिविडेंड! TVS होल्डिंग्स का बड़ा धमाका, रिकॉर्ड डेट इसी हफ्तेUpcoming IPOs: नए IPO पर लगा ब्रेक, लेकिन इस हफ्ते ये 6 कंपनियां बाजार में मचाएंगी धूम!वेस्ट एशिया युद्ध के बीच PM Modi की चेतावनी, अफवाहों से बचें, देश के सामने बड़ा ईंधन संकट खड़ाडीमैट खातों पर रोक हटेगी या नहीं, NCLAT ने सुनाया बड़ा फैसला, BSE की अपील खारिजकच्चे तेल में ट्रेडिंग का नया दौर, NSE 13 अप्रैल से लाएगा ब्रेंट फ्यूचर्स; निवेशकों के लिए खुलेंगे कमाई के नए दरवाजे?मार्च में विदेशी निवेशकों का बड़ा झटका, ₹1.14 लाख करोड़ निकालकर बाजार को हिला दिया, वेस्ट एशिया तनाव बना वजहIPL 2026: Virat Kohli का विराट रिकॉर्ड! चेज में 4000 रन पूरे, टी20 में भी मारी लंबी छलांगRaymond के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का निधन, 87 की उम्र में ली आखिरी सांसVedanta का बड़ा दांव! एक कंपनी से बनेंगी 5 लिस्टेड कंपनियां, बाजार में मचेगी हलचल

CCI के आदेशों की बार-बार अवहेलना कर रही Google : स्टार्टअप थिंक टैंक

Advertisement
Last Updated- March 28, 2023 | 9:06 PM IST
Google

एलायंस ऑफ डिजिटल इंडिया फाउंडेशन (एडीआईएफ) ने गूगल पर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के आदेशों की ‘बार-बार अवहेलना’ करने तथा इन-ऐप खरीदारी और सदस्यता के लिए भारतीय ऐप डेवलपरों पर गूगल प्ले बिलिंग सिस्टम (जीबीपीएस) का उपयोग करने के लिए जोर देने का आरोप लगाया है।

भारतीय डिजिटल स्टार्टअपों के थिंक टैंक ने मंगलवार को कहा कि वैकल्पिक बिलिंग सिस्टम पर 11 से 26 प्रतिशत कमीशन शुल्क लेने की गूगल की नीति इसे ऐप डेवलपरों के लिए आर्थिक रूप से अनाकर्षक बना देगी।

इसने कहा कि प्रौद्योगिकी क्षेत्र की यह दिग्गज कोई अतिरिक्त सेवा प्रदान किए बिना ही ‘अत्यधिक’ कमीशन ले रही है, जबकि भारत का संपूर्ण भुगतान उद्योग एक से पांच प्रतिशत सेवा शुल्क पर काम कर रहा है।

सीसीआई ने अक्टूबर 2022 में गूगल को ऐप डेवलपर्स को ऐप खरीदने के साथ-साथ इन-ऐप खरीदारी के लिए किसी भी तीसरे पक्ष की बिलिंग या भुगतान प्रक्रिया सेवाओं का उपयोग करने की अनुमति देने का आदेश दिया था।

Advertisement
First Published - March 28, 2023 | 9:06 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement