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ताश के पत्तों की तरह बिखरे ग्लेनमार्क के शेयर

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Last Updated- December 09, 2022 | 11:21 PM IST

तीसरी तिमाही में खराब प्रदर्शन के चलते ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल लिमिटेड का शेयर बुधवार को बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में 24.98 फीसदी लुढ़क गया।


कहा जा रहा है कि भविष्य में दवाओं की खोज से संबंधित किसी बड़े भुगतान की संभावना नहीं होने की वजह से भी कंपनी का शेयर नीचे आ गया है।

बुधवार को जब कंपनी का शेयर 141.15 रुपये के स्तर पर बंद हुआ, तो सत्र के सबसे अधिक गिरने वाले शेयरों में शुमार हो गया।

दो कारोबारी सत्रों में कंपनी के शेयर में 30 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। बीएसई में कंपनी ने 175 रुपये का उच्चतम स्तर पर छुआ है, तो 134 के न्यूनतम स्तर पर आ टिका है। सिटी गु्रप ने बुधवार को ग्लेनमार्क की रेटिंग कम कर दी।

रेटिंग कम करने के पीछे तर्क दी जा रही है कि कंपनी के तिमाही नतीजे में अनुमान से काफी अधिक गिरावट दर्ज की गई है। इसके अलावा कंपनी को अमेरिकी जेनेरिक बाजार में मंजूरी में भी देरी का सामना करना पडा है।

बीएनपी परिबा ने भी 20 जनवरी 2009 को कंपनी के शेयर को बेचने की रेटिंग दे दी और कहा कि हमलोग वित्तीय वर्ष 09 के सालाना समीक्षा पर भी खरे नहीं उतरेंगे और वित्तीय वर्ष 2010 के नतीजे तो और आक्रामक होने की संभावना है।

एक तरफ रेनबैक्सी लेबोरेटरीज और डॉ. रेड्डी लेबोरेटरीज को मौजूदा आर्थिक संकट में काफी कम बिक्री का सामना करना पडा है, वहीं ग्लेमार्क बाजार में काफी पसंद किया गया।

इसकी वजह यह रही कि पिछले दो से तीन महीने में कंपनी को तीन बड़े भुगतान प्राप्त हुए और नई दवाओं की बिक्री से कंपनी को अच्छी खासी आय भी मिली।

हालांकि कंपनी की दस से अधिक नई दवाइयों को मंजूरी मिलना अभी बाकी है। कुछ महीने पहले कंपनी की उत्पाद जीआरसी 6211 के लाइसेंस को भी रद्द कर दिया गया। इस दवा को एली लिली ऐंड कंपनी ने लाइसेंस प्रदान की थी।

इसके एवज में कंपनी को इस अमेरिकी कंपनी से 4.5 करोड़ डॉलर प्राप्त हुआ। मालूम हो कि अगर यह दवाई बाजार में पहुंच जाती  और तब इसकी लाइसेंस रद्द की जाती, तो कंपनी को 35 करोड़ डॉलर मिलते।

इससे कुछ महीने पहले मर्क ऐंड को ने कंपनी की एक डायबिटीज दवा जीआरसी 8200 को वापस कर दिया था, जिस वजह से कंपनी द्वारा डायबिटीज की दवाओं पर शोध करने का रास्ता बंद हो गया।

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First Published - January 28, 2009 | 11:11 PM IST

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