facebookmetapixel
Advertisement
Midcap Funds में लगातार दूसरे महीने बंपर निवेश, 3 नए NFO भी आए, क्या अभी है मौका?Health Insurance Claim करते समय न करें ये गलती, वरना जेब से भरना पड़ सकता है लाखों का बिलCrude Oil Price: कच्चा तेल फिर फिसला, OPEC+ के फैसले के बाद कीमतों पर बढ़ा दबावQ1 Results: Tata Technologies ने तय कर दी तारीख, अब बाजार को है ऐलान का इंतजारIT से रहें सावधान, बैंकिंग-हेल्थकेयर पर दांव! Tata AMC के CIO ने बताया कहां मिलेगा बेहतर रिटर्नशेयर बाजार में रिटेल निवेशकों की दमदार वापसी! 6 महीने में लगाया ₹57,203 करोड़, जानें कहां दिख रहा भरोसामॉनसून ने बदली चाल! अब किसानों के लिए आई बड़ी राहत, तेजी से बढ़ सकती है खरीफ की बोआईसरकार के नए नियम से बैटरी कंपनियां परेशान! खुद रिसाइक्लिंग करने पर भी खरीदना पड़ रहा सर्टिफिकेटक्या Airtel बनने वाला है अगला मल्टीबैगर? कई ब्रोकरेज ने दी ‘Buy’ रेटिंगAxis Bank से PNB तक कई बैंकों की कमाई में उछाल! रिजल्ट्स से पहले आई बड़ी रिपोर्ट

नियुक्ति पत्र दिया, अब नौकरी तो दो

Advertisement
Last Updated- December 10, 2022 | 8:18 PM IST

सत्यम के फ्रेशर यूनियन फोरम ने सत्यम कंप्यूटर्स के प्रबंधन से उन्हें दिए गए नियुक्ति पत्र का सम्मान करते हुए नौकरी देने की मांग की है।
सत्यम की ओर से नियुक्ति पत्र प्राप्त इंजीनियरिंग छात्रों ने मिलकर सत्यम फ्रेशर्स यूनियन का गठन किया है। दरअसल इन छात्रों को कंपनी ने परिसर नियुक्तियों के तहत नियुक्ति पत्र तो दिया था, लेकिन बाद में नौकरी नहीं दी।
जून 2007 में लगभग 6,000 छात्रों को कंपनी ने नियुक्ति पत्र दिए थे। मई 2008 में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद से ही यह छात्र कंपनी ज्वाइन करने का इंतजार कर रहे थे।
पहले कंपनी प्रबंधन की तरफ से जल्द ही कंपनी ज्वाइन करने के आश्वासन के साथ ही प्रमाणपत्रों की कॉपी, पैन नंबर और बाकी चीजों की मांग करते हुए ई-मेल आ रहे थे। लेकिन जनवरी में सत्यम में धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद से ही कंपनी ने इन छात्रों के साथ कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया है।
इन छात्रों के लिए सबसे मुश्किल वाली बात यह है कि एक बार किसी कंपनी की ओर से नियुक्ति पत्र मिलने के बाद कॉलेज उन छात्रों को किसी और कंपनी में नियुक्ति के लिए आवेदन नहीं करने देते हैं। ऐसे ही एक छात्र ने बताया, ‘इस कारण अब हमारे पास सत्यम ज्वाइन करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं रह गया है।’
सत्यम फ्रेशर्स यूनियन के नेता वरूण पोदारल्ला ने बताया, ‘कंपनी प्रबंधन को सभी 6,000 छात्रों को वरीयता देकर नौकरी देनी चाहिए। अब अगर कंपनी हमें नौकरी नहीं देती है तो करियर बर्बाद हो जाएगा। हम पहले ही कंपनी ज्वाइन करने के इंतजार में एक साल गंवा चुके हैं।’
यह यूनियन केंद्र सरकार द्वारा गठित कंपनी के निदेशक मंडल के सामने भी अपनी बात रख चुकी हैं। संगठन ने राज्य सरकार से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।

Advertisement
First Published - March 17, 2009 | 10:37 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement