दूरसंचार क्षेत्र की दिग्गज कंपनी भारती एयरटेल के लिए परिचालन और मूल्यांकन दोनों मोर्चों पर कई अच्छी बातें हैं। प्रीमियम सर्विस की ओर बढ़ते रुझान, कैलेंडर वर्ष 26 की दूसरी छमाही में टैरिफ में बढ़ोतरी और अहम सेगमेंटों में बड़ी संख्या में नए ग्राहकों के जुड़ने से भविष्य में उसके राजस्व और मुनाफे में बढ़ोतरी हो सकती है।
इसके अलावा, इस साल के आखिर में एयरटेल मनी (अफ्रीका) के आईपीओ और जियो के अनुमानित मूल्यांकन के मुकाबले कम कीमत से इस शेयर को समर्थन मिलता है। पिछले तीन महीनों में इस शेयर ने बेंचमार्क से थोड़ा बेहतर प्रदर्शन किया है और अभी यह वित्त वर्ष 27 की अपनी कमाई के 34 गुना यानी लगभग 1,910 रुपये पर कारोबार कर रहा है।
चूंकि कंपनी का पूंजीगत खर्च अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंच चुका है और 5जी नेटवर्क शुरू करने के लिए जो निवेश करना था, वह हो गया है। इसलिए कंपनी अपने मुख्य सेगमेंट और इलाकों में कई तरह से कमाई के मौकों का फायदा उठाने के लिहाज से अच्छी स्थिति में है। इससे न सिर्फ मुक्त नकदी प्रवाह बढ़ाने में मदद मिलेगी बल्कि कंपनी को अपनी बैलेंस शीट से कर्ज घटाने में भी सहायता मिलेगी।
इलारा सिक्योरिटीज के प्रशांत बियाणी और यशी जैन को उम्मीद है कि टैरिफ में बढ़ोतरी और प्रीमियम सेवाओं की वजह से वित्त वर्ष 26-29 के दौरान प्रति ग्राहक औसत राजस्व (एआरपीयू) में 7 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि पोस्टपेड अपग्रेड, 4जी और 5जी पर माइग्रेशन और बंडल ऑफर से कमाई बढ़ाने में मदद मिलती रहेगी।
5जी के बढ़ते इस्तेमाल और डेटा की ज्यादा खपत के साथ-साथ कम दूरसंचार टैरिफ की वजह से टैरिफ में बढ़ोतरी हो सकती है। इससे कंपनियों को कीमतें तय करने की ताकत मिलेगी और लंबे समय में एआरपीयू में बढ़ोतरी होगी। ब्रोकरेज का मानना है कि भारती एयरटेल अपनी बेहतर लाभांश नीति, स्ट्रक्चरल रिटर्न रेश्यो में बढ़ोतरी और लगातार बढ़ती कमाई के दम पर मूल्यांकन की दोबारा रेटिंग के लिए मजबूत दावेदार है। उसने एयरटेल को खरीद की रेटिंग दी है और लक्ष्य 2,427 रुपये तय किया है।
कंपनी का ध्यान भारत और अफ्रीका दोनों जगहों पर डेटा सेंटर बढ़ाने, गैर-बैंकिंग वित्तीय सेवा क्षेत्र में प्रवेश करने, सॉवरिन क्लाउड सेवा देने और इंडस टावर्स और एयरटेल मनी (अफ्रीका) में हिस्सेदारी बढ़ाने पर है। इससे उसके लिए फंड जुटाने या कमाई के कई रास्ते खुलते हैं। कंपनी कैलेंडर वर्ष 26 में अपने अफ्रीका मोबाइल मनी बिजनेस की सार्वजनिक सूचीबद्धता से 1.5 अरब डॉलर से 2 अरब डॉलर जुटाने की तैयारी में है। सीएलएसए रिसर्च के अनुसार आईपीओ में एयरटेल मनी का मूल्यांकन 10 अरब डॉलर आंका गया है, जो 2021 के मुकाबले चार गुना ज्यादा है और एयरटेल अफ्रीका के बाजार पूंजीकरण का 60 फीसदी है।
एयरटेल मनी का वित्त वर्ष 26 में राजस्व 36 फीसदी बढ़कर 1.4 अरब डॉलर हो गया। उसका परिचालन मुनाफा 31 फीसदी बढ़कर 68.9 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया। एयरटेल के सबसे बड़े बाजार नाइजीरिया में मोबाइल मनी का इस्तेमाल अभी पूरी तरह से नहीं बढ़ा है और वहां सिर्फ 27 लाख ग्राहक हैं। इसलिए इस कारोबार में जबरदस्त वृद्धि जारी रहने की उम्मीद है। सीएलएसए ने इसे आउटपरफॉर्म रेटिंग दी है और इसकी लक्षित कीमत 2,310 रुपये तय की है। मूल्यांकन के मामले में नोमूरा रिसर्च का मानना है कि जियो की तुलना में एयरटेल का डिस्काउंट सही नहीं है क्योंकि एयरटेल के वित्तीय आंकड़े जियो से बेहतर हैं।
ब्रोकरेज फर्म के विनीत बांका और अभिषेक भंडारी ने बताया कि एयरटेल के बाजार पूंजीकरण में उसके अफ्रीका, इंडस और नेक्स्ट्रा होल्डिंग्स के मूल्यांकन को समायोजित करने के बाद मौजूदा कीमत पर भारत में उसके दूरसंचार कारोबार की अनुमानित एंटरप्राइज वैल्यू और परिचालन मुनाफे का अनुपात (वित्त वर्ष 28 के लिए) 9.3 गुना है। यह जियो, जो सूचीबद्ध नहीं है, के संभावित मूल्यांकन के 12.2 गुना मल्टीपल से काफी कम है। ऐसा तब है जब एयरटेल का एआरपीयू वित्त वर्ष 26 में 257 रुपये था जबकि जियो का 214 रुपये। साथ ही उसका मार्जिन और मुक्त नकदी प्रवाह भी बेहतर है। उन्होंने कहा कि एक प्रीमियम ऑपरेटर का अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी की तुलना में कम कीमत पर होना सही नहीं है। लिहाजा, इससे इसमें अच्छी बढ़त की संभावना दिखती है। 2,355 रुपये की ऊंची लक्षित कीमत के साथ यह कंपनी इस सेक्टर में उसकी पहली पसंद है।
आने वाले समय में शेयर की दिशा वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही के नतीजों और नए कारोबार में निवेश और प्रगति से तय होगी। वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में उसका प्रदर्शन वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही जैसा ही रहने की उम्मीद है। तब उसने पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 15.7 फीसदी की एकीकृत राजस्व वृद्धि और परिचालन मुनाफे में 16.6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की थी। जून तिमाही में सालाना आधार पर एकीकृत राजस्व और परिचालन मुनाफे में वृद्धि 17 फीसदी रहने का अनुमान है। क्रमिक आधार पर भारती एयरटेल के भारत में वायरलेस राजस्व में 2.5 फीसदी और परिचालन मुनाफे में 2.6 फीसदी की बढ़ोतरी की उम्मीद है।
जेएम फाइनैंशियल रिसर्च के अनुसार इस बढ़ोतरी की वजह 40 लाख नए मोबाइल ब्रॉडबैंड ग्राहक, वायरलेस ग्राहकों की संख्या में अच्छी बढ़त और एआरपीयू में तिमाही आधार पर 1.5 फीसदी की संभावित वृद्धि होगी। एआरपीयू में यह बढ़ोतरी तिमाही में एक दिन ज्यादा होने, लगातार अपग्रेड और बेहतर ग्राहक मिक्स की वजह से होगी। ब्रोकरेज का मानना है कि नियमित टैरिफ बढ़ोतरी और कई प्रीमियम बनाने वाली रणनीतियों के कारण वित्त वर्ष 26-28 के दौरान उद्योग का वायरलेस एआरपीयू सालाना 12 फीसदी की दर से बढ़ सकता है। उसने 2,450 रुपये की लक्षित कीमत के साथ खरीद की रेटिंग दी है।