Ayushman Card: आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत पात्र लोगों को कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाती है। इस योजना में पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिलता है। हालांकि, आयुष्मान कार्ड को लेकर लोगों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि कार्ड कैसे बनता है, कौन इसके लिए पात्र है और आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होती है। आइए जानते हैं पूरी जानकारी।
आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट beneficiary.nha.gov.in पर जाएं। यहां लाभार्थी के तौर पर मोबाइल नंबर और OTP की मदद से लॉगिन करें। इसके बाद PM-JAY विकल्प चुनें और अपना राज्य व जिला दर्ज करें।
अब नाम या आधार नंबर की मदद से अपना रिकॉर्ड खोजें। अगर आपका नाम योजना के पात्र लाभार्थियों में है, तो आगे की प्रक्रिया पूरी करके आयुष्मान कार्ड बनवाया जा सकता है।
आयुष्मान कार्ड से जुड़ी कई सेवाओं का इस्तेमाल WhatsApp के जरिए भी किया जा सकता है। इसके लिए सरकार के आयुष्मान सारथी WhatsApp चैटबॉट पर +91 72908 23838 नंबर के जरिए संपर्क किया जा सकता है।
WhatsApp पर Hi या Hello भेजने के बाद Choose Service > My Ayushman Card > Apply for PMJAY Card विकल्प चुनें। इसके बाद रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और आधार की मदद से लॉगिन करें। ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद कार्ड डाउनलोड किया जा सकता है।
जिन लोगों के पास पहले से आयुष्मान कार्ड है, वे भी इस सेवा के जरिए कार्ड डाउनलोड करने, ई-केवाईसी अपडेट करने, आधार लिंक करने और कार्ड को लॉक या अनलॉक करने जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं।
आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आम तौर पर इन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है:
जरूरी दस्तावेज व्यक्ति और पात्रता श्रेणी के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
70 साल या उससे अधिक उम्र का हर भारतीय नागरिक आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभ लेने के लिए पात्र है। इस श्रेणी में पात्रता के लिए आय की कोई सीमा नहीं है। यानी वरिष्ठ नागरिक की आमदनी कितनी भी हो, वह योजना का लाभ ले सकता है। यहां तक कि निजी हेल्थ इंश्योरेंस रखने वाले 70 साल या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक भी इस योजना के लिए पात्र हो सकते हैं।
70 साल से कम उम्र के लोगों के लिए पात्रता मुख्य रूप से SECC 2011 के आंकड़ों और सरकार द्वारा तय पात्र श्रेणियों के आधार पर निर्धारित होती है। इसमें पात्र ग्रामीण और शहरी परिवारों के अलावा आर्थिक रूप से कमजोर और अन्य निर्धारित श्रेणियों के परिवार शामिल हो सकते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले पात्र परिवार, अनुसूचित जाति और जनजाति से जुड़े परिवार, असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोग, दिहाड़ी मजदूर, गरीब परिवार और दिव्यांग व्यक्ति जैसी श्रेणियां योजना के दायरे में आ सकती हैं।
हालांकि, सिर्फ इन श्रेणियों में आने से हर व्यक्ति अपने आप पात्र नहीं हो जाता। वास्तविक पात्रता सरकारी रिकॉर्ड और योजना के निर्धारित नियमों के आधार पर ही तय होती है।
70 साल से कम उम्र के लोगों के मामले में पात्रता तय करने के लिए सरकार के निर्धारित मानदंड लागू होते हैं। सामान्य तौर पर सरकारी कर्मचारी, आयकर देने वाले व्यक्ति और कुछ संगठित क्षेत्र के कर्मचारी योजना से बाहर हो सकते हैं। इसी तरह ESIC जैसी दूसरी सरकारी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था के तहत आने वाले लोगों की पात्रता भी अलग नियमों के आधार पर तय होती है।
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इसलिए कार्ड बनवाने से पहले अपना नाम आधिकारिक लाभार्थी सूची में जरूर जांच लेना चाहिए।
आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को कई तरह के अस्पताल में भर्ती होने वाले इलाज और चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिलता है। इसमें गंभीर बीमारियों के इलाज, ऑपरेशन और अस्पताल से जुड़ी कई मेडिकल सेवाएं शामिल हो सकती हैं।
योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाती है। कुछ निर्धारित परिस्थितियों में अस्पताल आने-जाने से जुड़े खर्च और इलाज से पहले व बाद की कुछ चिकित्सा सेवाएं भी योजना के पैकेज में शामिल हो सकती हैं।
ध्यान रखें कि किस बीमारी या इलाज पर कितना कवर मिलेगा, यह संबंधित पैकेज और योजना के नियमों पर निर्भर करता है। इसलिए इलाज कराने से पहले अस्पताल में उपलब्ध PM-JAY पैकेज की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।